पूर्व मुख्य सचिव पी. मित्रा के वॉयस सैंपल लेने की विजिलेंस ब्यूरो की अरजी पर सुनवाई 30 अक्तूबर तक के लिए टल गई है। इस मामले को लेकर बुधवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश (वन) शिमला की अदालत में सुनवाई हुई।
धारा-118 के तहत जमीन खरीद की अनुमति देने के लिए अवैध वसूली के इस मामले में विजिलेंस ब्यूरो ने कोर्ट में एक अरजी दे रखी है। इसमें आरोपी पूर्व मुख्य सचिव एवं तत्कालीन प्रधान सचिव राजस्व पी. मित्रा के वॉयस सैंपल लेने और पॉलीग्राफ टेस्ट करने का अनुरोध किया गया है।
बुधवार को अदालत ने अगली सुनवाई के लिए तीस अक्तूबर की तिथि तय की। मामले की जांच कर रही जांच एजेंसी स्टेट विजिलेंस छानबीन को आगे बढ़ाने के लिए वॉयस सैंपल और पॉलीग्राफ टेस्ट लेेना चाहती है, जिसको लेकर एजेंसी ने अदालत में अरजी दाखिल की है।
अदालत में आरोपी पक्ष के अधिवक्ता ही पेश हुए। इस बहुचर्चित मामले में विजिलेंस ब्यूरो मित्रा से लंबी पूछताछ कर चुका है। उनकी रिकार्डेड आवाज के आधार पर ही विजिलेंस ने यह छानबीन शुरू की है।