उत्तर भारत के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल चिंतपूर्णी में गर्भ गृह में बैठे पुजारी अब अपनी जेबों में हाथ नहीं डाल पाएंगे। इसके लिए मंदिर अधिकारी ने पुजारियों को बाकायदा नोटिस जारी कर दिए हैं। इसके साथ ही मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर वीडियो बनाने और फोटो खींचने पर पूर्ण पाबंदी लगा दी है। यदि कोई श्रद्धालु मंदिर गर्भ गृह के अंदर या बाहर फोटो खींचता पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
मंदिर का चढ़ावा जेब में डालते पुजारी का वीडियो वायरल
गौर रहे कि अष्टमी पूजन के दिन होशियारपुर का एक परिवार छप्पन प्रकार के व्यंजनों का भोग लगा रहा था। इसी दौरान गर्भ गृह के बाहर खड़े एक श्रद्धालु ने पूजा के पलों को अपने कैमरे में कैद कर लिया। वीडियो में पाया गया कि मंदिर का एक पुजारी माता को चढ़ाई जा रही सामग्री को अपनी जेब में डाल रहा है। जेब में सामान डालने की घटना एक बार नहीं दो बार कैमरे में कैद हुई है।
हालांकि यह साफ नहीं हो पाया है कि पुजारी ने कितनी बार पूजा के दौरान अपनी जेब में सामान भरा। बाद में यह वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो गया। इसके बाद यह खबर समूचे प्रदेश में आग की तरह फैल गई। इसके बाद मंदिर अधिकारी ने तुरंत कार्रवाई करते हुए जेब में सामग्री भर रहे पुजारी को तलब किया और ऐसा न किए जाने की भी हिदायत दी है। इसके साथ ही अन्य पुजारियों को गर्भ गृह में पूजा के दौरान जेबों में हाथ न डालने के नोटिस जारी कर दिए हैं।
एसडीएम को मामले की जांच के आदेश
उधर, मामला मंदिर ट्रस्ट अध्यक्ष एवं उपायुक्त ऊना विकास लाबरू के समक्ष पहुंचने पर कड़ा संज्ञान लिया है। उन्होंने एसडीएम अंब सुनील वर्मा को मामले की जांच करने के आदेश जारी किए हैं।