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नई शिक्षा नीति से बंद नहीं होंगे कम विद्यार्थी संख्या वाले स्कूल: गोविंद

Wed, 21 Oct 2020 05:54 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, कुल्लू
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शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर - फोटो : अमर उजाला
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राष्ट्रीय शिक्षा नीति बच्चों के सर्वांगीण विकास और उन्हें रोजगारपरक बनाने में मददगार होगी। शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने बुधवार को कुल्लू महाविद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 पर राज्य स्तरीय सेमिनार की अध्यक्षता करते हुए यह बात कही। सेमिनार में प्रदेश के विभिन्न कॉलेजों और स्कूलों के शिक्षकों ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति देश को दी है, वह देश अ समाज में बड़ा बदलाव लाएगी। उन्होंने कहा कि 2030 तक प्रत्येक नागरिक को गुणवत्ता युक्त शिक्षा की व्यवस्था होगी, केंद्र सरकार प्रत्येक राज्य में नया विश्वविद्यालय खोलेगी और इसके लिए राशि की भी व्यवस्था करेगी। मेरू नाम के इस विश्वविद्यालय में अनुसंधान व अध्ययन दोनों को महता दी जाएगी। बच्चों में अंतरराष्ट्रीय शिक्षा प्राप्त करने की सोच को अपने देश में ही पूरा किया जाएगा।

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इसके लिए विश्व के टॉप 100 विश्वविद्यालयों को भारतवर्ष में लाने की नीति है। भारत आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से बढ़े, इसके लिए राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन की स्थापना की जाएगी। ठाकुर ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के लागू होने से छात्रों की कम संख्या वाले कॉलेज बंद नहीं होंगे, बल्कि क्लस्टर यूनिवर्सिटी में कार्य करेंगे। जो बच्चे आर्थिक तौर पर पिछड़े हैं उन्हें निशुल्क शिक्षा की व्यवस्था केंद्र सरकार की ओर की जाएगी। विश्वविद्यालय के पूर्व उप कुलपति एवं उच्चतर शिक्षा टास्क फोर्स के राज्य अध्यक्ष प्रो. सुनील कुमार गुप्ता ने बतौर मुख्य वक्ता कहा कि शिमला में गत 13 सितंबर को प्रथम बैठक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति को प्रदेश में अक्षरश लागू करने को राज्य सरकार ने अपनी मंजूरी प्रदान की थी। राज्य टास्क फोर्स के अध्यक्ष डॉ. नंदलाल शर्मा ने भी अपने विचार रखे। इससे पूर्व कॉलेज की प्राचार्य डॉ. वंदना वैद्य ने स्वागत किया।

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