प्रश्न : बागवानी पृष्ठभूमि होने के नाते क्या प्राइमरी सेक्टर पर खास रहेगा?
उत्तर : मैं बहुत स्पष्ट हूं कि एक ही क्षेत्र पर फोकस नहीं करूंगा। हमें बहुआयामी अप्रोच रखनी होगी। हर क्षेत्र में फोकस होगा।
प्रश्न : आप केंद्र सरकार में काम करने का भी तजुर्बा खूब है, वहां का अनुभव भी काम आएगा?
उत्तर : यह अनुभव काम करने और सोचने के नजरिये में काम आएगा।
प्रश्न : आपको सख्त मिजाज का मानते हैं, अफसरशाही पर सख्ती करेंगे?
उत्तर : वे सब मेरे साथी हैं। मुख्य सचिव टीम का कैप्टन होता है, उसे टीम को साथ रखना होता है। टीम साथ हो तो प्रगति है, बिछुडे़ हुए लोग हों तो समस्या होती है। देखिए, काम तो सही ही करूंगा। मिजाज जरूर बदल सकता हूं। (हंसते हुए) 33 साल में जो व्यक्तित्व बनता है, वह रातों-रात नहीं बदलता। राज्य के हित में रहूंगा। मेरा मिजाज कभी भी किसी को ठेस पहुंचाने का नहीं रहा है। मैं अपने सही निर्णयों पर अडिग रहता हूं।
प्रश्न : निष्क्रिय अधिकारियों को कैसे लाइन पर लाएंगे।
उत्तर : मैं अभी कोई थ्योरी नहीं बता पाऊंगा। सबको मोटिवेट करने का प्रयास रहेगा।
प्रश्न : आपने कभी सोचा था कि प्रदेश की अफसरशाही की कमान आपके हाथ होगी?
उत्तर : 23 साल की उम्र में आया था तो सोचा ही था। इसी वजह से मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मुझे योग्य और पात्र मानकर सम्मान दिया है। मैं 1986 में 23 साल की उम्र में ही आईएएस में आ गया था। उससे पहले अर्थशास्त्र में पीजी कर रहा था।
प्रश्न : मूल रूप से रहने वाले कहां से हैं, शिक्षा-दीक्षा कहां हुई?
उत्तर : शिमला के कुमारसैन से। शिक्षा-दीक्षा दिल्ली में हुई। डीपीएस आरकेपुरम नई दिल्ली में पढ़ाई हुई। आगे की पढ़ाई भी दिल्ली में की। मेरे पिता नीदरलैंड दूतावास में भारतीय स्टाफ के प्रमुख थे, माता गृहिणी रहीं। अब दोनों गांव में ही हैं। मेरी दो बेटियां दिल्ली में हैं।