नया मामला सामने आने के बाद हिमाचल में बाहरी राज्यों से प्रवेश करने के नियमों में सख्ती करने की तैयारी है। मंगलवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर प्रमुख अधिकारियों की बैठक लेंगे। सूत्रों ने बताया कि एमएचए की गाइडलाइन के अनुसार हिमाचल में प्रवेश करने वालों पर पूरी तरह से पाबंदी लगाना तो संभव नहीं, मगर सरकार यह तय करेगी कि रेड जोन से कम से कम लोग प्रदेश में प्रविष्ट हों। जो लोग प्रवेश कर रहे हैं, उनकी भी ठीक से जांच हो। ऐसे में केवल ग्रीन जोन से ही लोगों को प्रदेश में अधिक प्रविष्ट करवाने की योजना पर विचार हो सकता है। उल्लेखनीय है कि राज्यपाल ने भी आशंका जाहिर की थी कि अधिक संख्या में आने वाले लोगों से संक्रमण का खतरा हो सकता है। शांता कुमार भी इस पर चिंता जता चुके हैं। उधर, सोमवार को कोरोना के चलते लॉकडाउन और कर्फ्यू के बीच दूसरे दिन भी एचआरटीसी बसों में चंडीगढ़ से 1239 लोग हिमाचल लाए गए। दूसरे राज्यों में फंसे हिमाचल के लोगों को वापस लाने के लिए परिवहन निगम की 49 बसें चंडीगढ़ स्थित हिमाचल भवन भेजी गई थीं।
ये लोग सुबह छह बजे हिमाचल भवन बुलाए गए थे। लॉकडाउन के चलते सूबे के ये लोग चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला में फंसे थे। इन्होंने सरकार से वापस घर पहुंचाने की गुहार लगाई थी। सोमवार को वापस लाए गए लोगों में 622 मंडी, 365 बिलासपुर, 191 कुल्लू और 61 लाहौल-स्पीति जिले से संबंधित हैं। उधर, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि चंडीगढ़ से लाए गए सभी लोगों को स्वास्थ्य जांच के बाद क्वारंटीन किया गया है। उन्होंने कहा कि इन लोगों की यह नैतिक जिम्मेदारी है कि वे सरकार के दिशा-निर्देशों का पालन करें। मुख्यमंत्री ने देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे प्रदेश के लोगों को वापस लाने में विशेष सेवाएं देने के लिए परिवहन निगम के चालकों और परिचालकों का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि सरकार बाहरी राज्यों में फंसे प्रदेश के लोगों को हरसंभव सहायता प्रदान कर रही है।
बिलासपुर के लोग किसान भवन में क्वारंटीन
चंडीगढ़ से लोगों को लेकर निगम की बसें सोमवार दोपहर को स्वारघाट पहुंचीं। बिलासपुर के विभिन्न उपमंडलों के भी लगभग 220 लोग चंडीगढ़ से लौटे हैं। श्री नयनादेवी के नोडल अधिकारी तहसीलदार हुस्न चंद चौधरी ने बताया कि इन बसों में सवार लोगों का ब्योरा स्वारघाट प्रशासन दर्ज कर रहा है। चंडीगढ़ से आए लोगों का प्राथमिक तौर से मेडिकल चैकअप चंडीगढ़ में भी हो चुका है। यहां भी इनकी दोबारा स्वास्थ्य जांच संबधित जिला अस्पतालों में होगी। चंडीगढ़ से बिलासपुर पहुंचे लोगों को एक दिन के लिए बिलासपुर के किसान भवन और डीएवी स्कूल व अन्य जगह क्वारंटीन किया गया है। यहां स्वास्थ्य जांच के बाद इन्हें घर भेजा जाएगा।