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हिमाचल में कोरोना वायरस का नया मामला, दिल्ली से लौटे व्यक्ति की रिपोर्ट पॉजिटिव

Mon, 04 May 2020 09:14 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला/मंडी
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कोरोना वायरस - फोटो : अमर उजाला
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आखिर वही हुआ, जिसका डर था। कोरोना मुक्त होने की दहलीज पर पहुंच चुके हिमाचल में बाहर से पहुंचे युवक के साथ संक्रमण फिर दाखिल हो गया है। अब तक ग्रीन जोन में चल रहे मंडी जिला में सोमवार को कोरोना का पहला मामला सामने आया है। संक्रमित 30 वर्षीय युवक जोगिंद्रनगर की द्रुब्बल पंचायत के कुणकर गांव का है। युवक दिल्ली के नोएडा में एक निजी कंपनी में काम करता है। सरकार से छूट मिलने के बाद युवक पास बनाकर 28 अप्रैल को अक्षरधाम दिल्ली से तीन अन्य युवकों और चालक के साथ टैक्सी से जोगिंद्रनगर स्थित अपने गांव के लिए रवाना हुआ था।

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ऊना में 28 अप्रैल की रात साढ़े 12:30 इन्होंने प्रदेश में प्रवेश किया। 29 अप्रैल को इसमें एक व्यक्ति चौंतड़ा तो दूसरा बैजनाथ उतर गया। दो कुणकर गांव पहुंचे। 
सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग ने कुणकर गांव पहुंचकर दोनों युवकों को 29 को ही होम क्वारंटीन कर दिया था। 30 को एक युवक को बुखार और सांस की दिक्कत के चलते सैंपल लेकर नेरचौक मेडिकल कॉलेज में जांच के लिए भेजे तो वह कोरोना पॉजिटिव पाया गया। 
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धारा 144 लागू
दूसरे युवक का भी सैंपल जांच के लिए भेजा गया, जो निगेटिव निकला है। प्रशासन संक्रमित युवक की ट्रेवल हिस्ट्री खंगाल रहा है। संक्रमित युवक की दो साल की बच्ची है। डीसी मंडी ऋग्वेद ठाकुर ने बताया कि प्रशासन ने द्रुब्बल पंचायत के तीन किमी क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया है। वहीं, दो किमी बफर जोन घोषित कर दिया है। बिना किसी छूट के धारा 144 लगा दी गई है। उन्होंने कहा कि संक्रमित युवक का कहना है कि वह अपने परिवार के साथ अधिक संपर्क में नहीं आया है। गांव में पहुंचने के बाद उसने खुद को होम क्वारंटीन कर दिया था।

मामलों की संख्या 41, दो सक्रिय 
इसके साथ ही हिमाचल में अब कोरोना पॉजिटिव मामलों की कुल संख्या 41 हो गई है। 34 लोग स्वस्थ होकर घर चले गए हैं। चार लोग हिमाचल से बाहर चले गए हैं और एक व्यक्ति की इस बीमारी से मौत हुई है। अब सक्रिय मामलों की संख्या दो हो गई है। इनमें सिरमौर जिला का एक कोरोना पॉजिटिव मरीज सोलन के काठा अस्पताल में भर्ती है। पांच मई को इसकी पहली सैंपलिंग होगी और 24 घंटे बाद दूसरा सैंपल जांच को जाएगा। 

प्रदेश के पांच जिले शिमला, कुल्लू, लाहौल-स्पीति, बिलासपुर और किन्नौर में कोरोना वायरस का कोई मामला नहीं है। जिला कांगड़ा, सोलन, हमीरपुर, चंबा और ऊना में सभी कोरोना पॉजिटिव निगेटिव हो गए हैं। सिरमौर जिले में एक व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव है। वहीं,अब मंडी में भी एक मामला आ गया है। सोमवार को प्रदेश में 247 सैंपलों की जांच की गई। राज्य में अब तक 15013 लोगों को निगरानी में रखा गया। इनमें से 6637 लोगों ने 28 दिन की जरूरी निगरानी अवधि को पूरा कर लिया है और सभी स्वस्थ्य हैं। राज्य में अब 7432 लोगों की कोरोना को लेकर जांच की गई है। 

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हिमाचल में प्रवेश के नियमों में अब सख्ती की तैयारी

नया मामला सामने आने के बाद हिमाचल में बाहरी राज्यों से प्रवेश करने के नियमों में सख्ती करने की तैयारी है। मंगलवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर प्रमुख अधिकारियों की बैठक लेंगे। सूत्रों ने बताया कि एमएचए की गाइडलाइन के अनुसार हिमाचल में प्रवेश करने वालों पर पूरी तरह से पाबंदी लगाना तो संभव नहीं, मगर सरकार यह तय करेगी कि रेड जोन से कम से कम लोग प्रदेश में प्रविष्ट हों। जो लोग प्रवेश कर रहे हैं, उनकी भी ठीक से जांच हो। ऐसे में केवल ग्रीन जोन से ही लोगों को प्रदेश में अधिक प्रविष्ट करवाने की योजना पर विचार हो सकता है। उल्लेखनीय है कि राज्यपाल ने भी आशंका जाहिर की थी कि अधिक संख्या में आने वाले लोगों से संक्रमण का खतरा हो सकता है। शांता कुमार भी इस पर चिंता जता चुके हैं। उधर, सोमवार को कोरोना के चलते लॉकडाउन और कर्फ्यू के बीच दूसरे दिन भी एचआरटीसी बसों में चंडीगढ़ से 1239 लोग हिमाचल लाए गए। दूसरे राज्यों में फंसे हिमाचल के लोगों को वापस लाने के लिए परिवहन निगम की 49 बसें चंडीगढ़ स्थित हिमाचल भवन भेजी गई थीं।

ये लोग सुबह छह बजे हिमाचल भवन बुलाए गए थे। लॉकडाउन के चलते सूबे के ये लोग चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला में फंसे थे। इन्होंने सरकार से वापस घर पहुंचाने की गुहार लगाई थी। सोमवार को वापस लाए गए लोगों में 622 मंडी, 365 बिलासपुर, 191 कुल्लू और 61 लाहौल-स्पीति जिले से संबंधित हैं। उधर, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि चंडीगढ़ से लाए गए सभी लोगों को स्वास्थ्य जांच के बाद क्वारंटीन किया गया है। उन्होंने कहा कि इन लोगों की यह नैतिक जिम्मेदारी है कि वे सरकार के दिशा-निर्देशों का पालन करें। मुख्यमंत्री ने देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे प्रदेश के लोगों को वापस लाने में विशेष सेवाएं देने के लिए परिवहन निगम के चालकों और परिचालकों का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि सरकार बाहरी राज्यों में फंसे प्रदेश के लोगों को हरसंभव सहायता प्रदान कर रही है।

बिलासपुर के लोग किसान भवन में क्वारंटीन
चंडीगढ़ से लोगों को लेकर निगम की बसें सोमवार दोपहर को स्वारघाट पहुंचीं। बिलासपुर के विभिन्न उपमंडलों के भी लगभग 220 लोग चंडीगढ़ से लौटे हैं। श्री नयनादेवी के नोडल अधिकारी तहसीलदार हुस्न चंद चौधरी ने बताया कि इन बसों में सवार लोगों का ब्योरा स्वारघाट प्रशासन दर्ज कर रहा है। चंडीगढ़ से आए लोगों का प्राथमिक तौर से मेडिकल चैकअप चंडीगढ़ में भी हो चुका है। यहां भी इनकी दोबारा स्वास्थ्य जांच संबधित जिला अस्पतालों में होगी। चंडीगढ़ से बिलासपुर पहुंचे लोगों को एक दिन के लिए बिलासपुर के किसान भवन और डीएवी स्कूल व अन्य जगह क्वारंटीन किया गया है। यहां स्वास्थ्य जांच के बाद इन्हें घर भेजा जाएगा।
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