सूबे के दूसरे सबसे बड़े अस्पताल टांडा मेडिकल कॉलेज में एक नवंबर से न्यूरो सर्जरी की सुविधा मिलेगी। सुपर स्पेशयलिटी ब्लॉक में इसका ट्रायल शुरू हो गया है। मरीज को महज 25 से 30 हजार रुपये खर्च करने पड़ेंगे जबकि बाहरी अस्पतालों में 60 से 80 हजार रुपये
खर्च आता है। कई मरीजों को इससे पहले सिर के जटिल ऑपरेशनों के लिए पीजीआई चंडीगढ़ जाना पड़ता था लेकिन अब वहां के चक्कर काटने से निजात मिल सकेगी।
सिर पर गंभीर चोट लगने या ब्रेन ट्यूमर होने पर दिमाग की काम करने की क्षमता कम हो जाती है। घाव दिमाग के अंदर बढ़ता रहता है। मरीज समय पर ऑपरेशन न करवाए तो उसकी मौत हो जाती है। टीएमसी में हर रोज दिमाग की बीमारियों से ग्रस्त 150 से 200 मरीज पहुंचते हैं। इनमें 5 से 10 मरीजों को दिमाग के ऑपरेशन की जरूरत होती है।
ट्रायल कर रहे न्यूरो सर्जन
टीएमसी के एमएस डॉ. विनय महाजन ने बताया कि टीएमसी में अब न्यूरो सर्जरी की सुविधा भी मिलेगी। इस पर ट्रायल न्यूरो सर्जन कर रहे हैं। हेड इंजरी या अन्य कारणों से दिमाग की बीमारियों को ठीक करने के लिए ऑपरेशन किया जाता है।