शातिरों ने जब कोविड वैक्सीन प्रमाणपत्र की मांग की तो युवक उपलब्ध नहीं करवा पाया, इस पर प्रमाण पत्र के एवज में जब पैसों की मांग की गई तो युवक को शक हुआ। पुलिस में शिकायत की तो नेरवा पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी। युवक ने जिन खातों में पैसा ट्रांसफर किया था, उनकी जानकारी लेकर जरूरी औपचारिकताओं के बाद अकांउट फ्रीज करवाए गए। बैंक खातों में उपलब्ध राशि के आधार पर पैसा युवक को वापस लौटाया गया।
डीएसपी चौपाल सुशांत शर्मा ने बताया कि नेरवा थाना वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में बेहतरीन काम कर रहा है। इस साल अब तक नेरवा थाने में वित्तीय धोखाधड़ी की करीब 32 शिकायतें मिली हैं, दो शिकायतें लिखित माध्यम से मिली है। छह मामलों में पूरा पैसा वापस दिलवाया गया है। 15 मामलों में पैसा बैंक खातों में फ्रीज करवाया गया है। 8 मामलों में जांच प्रगति पर है। 6 मामलों में पैसा नहीं बचाया जा सका है।
1930 पर दें सूचना
किसी भी प्रकार की वित्तीय धोखाधड़ी होने पर तुरंत नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर इसकी सूचना दें। समय से की गई शिकायत से पूरा पैसा वापस मिल सकता है। सोशल मीडिया के विज्ञापनों के प्रति विशेष तौर पर सतर्क रहने की जरूरत है। जागरूकता से ही वित्तीय धोखाधड़ी से बचा जा सकता है।
मोहित चावला, डीजीपी, साइबर क्राइम