मार्च में मुख्य परीक्षा होगी, जिसमें यदि कोई छात्र एक या एक से अधिक विषयों में असफल होता है तो उसे जुलाई में दोबारा परीक्षा देने का अवसर मिलेगा। यह दूसरी परीक्षा छात्रों के लिए सुधार का मौका होगी। मार्च में सफल रहे छात्र भी अपने अंकों में सुधार के लिए जुलाई में परीक्षा में बैठ सकेंगे।
यानी अब छात्रों के लिए परीक्षा में प्रदर्शन बेहतर करने के अवसर बढ़ जाएंगे। इंप्रूवमेंट पॉलिसी के तहत असफल घोषित होने के बावजूद छात्रों को अगली कक्षा में प्रवेश दिया जाएगा, ताकि उनकी पढ़ाई बाधित न हो। यदि वे जुलाई में पूरक परीक्षा पास कर लेते हैं तो उनकी पढ़ाई निर्बाध रूप से जारी रहेगी और यदि जुलाई की परीक्षा में असफल रहते हैं, तो उन्हें पुरानी कक्षा में ही पढ़ाई करनी होगी।
इंप्रूवमेंट पॉलिसी के लिए तैयार प्रस्ताव सरकार को भेज दिया है। सरकार से मंजूरी मिलते ही मार्च 2026 से यह पॉलिसी लागू कर दी जाएगी और उसी के अनुसार परीक्षाएं करवाई जाएंगी। - डॉ. मेजर विशाल शर्मा, सचिव, स्कूल शिक्षा बोर्ड