एचआरटीसी की कंडक्टर भर्ती के बाद अब 39 जूनियर टेक्निकल ऑफिसरों की भर्ती संदेह के घेरे में है। एचआरटीसी मजदूर संघ का आरोप है कि इस भर्ती में चहेतों को फायदा दिया गया है। अफसरों और एचआरटीसी के बाबुओं के बेटे, भाई और भतीजों को नौकरी दी गई है। जूनियर टेक्निकल ऑफिसरों का यह चयन बिना भर्ती और पदोन्नति नियमों के किया गया है।
इन अधिकारियों के चयन को सरकार से भी अनुमति नहीं ली गई है। इससे स्पष्ट होता है कि भर्ती में न तो नियमों की परवाह की गई और न ही कोई पारदर्शिता बरती गई है। रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन एक्ट-1950 की धारा 45 कहती है कि ऐसी किसी भी भर्ती से पहले सरकार की अनुमति ली जानी आवश्यक है। चहेतों को नौकरियां बांटने के गोरखधंधे को अंजाम दिया गया है। इससे पूर्व कंडक्टर भर्तियों में भी रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन एक्ट- 1950 का उल्लंघन किया गया था।