नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्पकमल दहल प्रचंड ने कहा कि आतंकवाद के लिए वे अपने देश की भूमि का इस्तेमाल नहीं होने देंगे। किसी को भी नेपाल की धरती से आतंकवाद को बढ़ावा नहीं देने दिया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनकी दिल्ली में हुई मुलाकात सकारात्मक रही है। इससे भारत और नेपाल के रिश्ते और मजबूत होंगे।
नेपाल अन्य बिजली परियोजनाओं के लिए भी भारत से हाथ मिलाएगा। उन्होंने कहा कि 1500 मेगावाट की नाथपा झाकड़ी परियोजना किसी आश्चर्य से कम नहीं है। शिमला जिले के रामपुर में अंडर ग्राउंड नाथपा-झाकड़ी प्रोजेक्ट को देखने के बाद पत्रकारों से बातचीत में नेपाल के पीएम ने कहा कि भारत आकर उन्हें जरा भी यह आभास नहीं हो रहा कि वह विदेश में हैं। उनको ऐसा लग रहा है कि वह अपने देश नेपाल में ही हैं।
प्रधानमंत्री प्रचंड शनिवार को 11 बजे झाकड़ी पहुंचे और करीब डेढ़ घंटे तक परियोजना के बारे में विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने कहा कि एसजेवीएनएल नेपाल की अरुण नदी पर 900 मेगावाट का अरुण-3 प्रोजेक्ट बना रहा। इस कारण वे प्रतिनिधिमंडल के साथ नाथपा झाकड़ी बिजली प्रोजेक्ट का जायजा लेने पहुंचे।
उन्होंने कहा कि नाथपा झाकड़ी बिजली प्रोजेक्ट का काम देखकर वह संतुष्ट हैं। उनको पूरी उम्मीद है कि एसजेवीएलएन नेपाल के प्रोजेक्ट का काम भी इसी तरह बेहतर तकनीक से करेगा। नेपाल में अभी और भी पावर प्रोजेक्ट तैयार किए जाने हैं। इनका काम भी नेपाल और भारत संयुक्त रूप से करेंगे। इन प्रोजेक्टों के लिए नेपाल और भारत में निकट भविष्य में और समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।