राजधानी की लोअर बाजार सब्जी मंडी की सड़क दुरुस्त न होने से मजदूर सामान ढोकर पहुंचाकर रहे, बढ़ रहा खर्च
सब्जी मंडी में लोडिंग और अनलोडिंग की जगह नहीं संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी के लोअर बाजार की सब्जी मंडी शहर की पुरानी कारोबारी पहचान का अहम हिस्सा है। दशकों से लोगों की रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने वाली इस मंडी में आज भी सुबह से ही सब्जियों और फलों की खरीद-फरोख्त शुरू हो जाती है।
मंडी से जुड़े कारोबारियों के सामने इन दिनों सुविधाओं की कमी बड़ी चुनौती बनी हुई है। सबसे बड़ी परेशानी मंडी में लोडिंग और अनलोडिंग के लिए पर्याप्त जगह का नहीं होना है। इसके अलावा सड़क की खराब हालत ने भी व्यापारियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मंडी में सब्जियां लेकर पहुंचने वाले वाहनों के लिए पहले सीधे मंडी तक पहुंच बन जाती थी। इससे सामान उतारने और दुकानों तक पहुंचाने में कम समय तथा कम मजदूरी लगती थी। अब हालात बदल गए हैं। बरसात के दौरान कार्ट रोड से सब्जी मंडी को जाने वाले रास्ते का एक हिस्सा ढह गया था। इसके बाद अब मुख्य सड़क से ही सब्जियों को मजदूरों के जरिये मंडी तक पहुंचाना पड़ता है। यहां मरम्मत का काम शुरू किया गया, जो अभी जारी है।
विज्ञापन
भारी बोरे और क्रेट उठाकर मजदूरों को दूरी तय करनी पड़ती है। इससे न केवल समय अधिक लगता है, बल्कि किसानों को अतिरिक्त मजदूरी भी देनी पड़ रही है। आढ़तियों ने बताया कि पहले जहां केले के क्रेट को सब्जी मंडी तक पहुंचाने के लिए 13 रुपये मजदूरी देनी पड़ती थी, वह अब 17 रुपये हो गई है। वहीं अनार के क्रेट के लिए 8 की जगह 10 रुपये, 20 किलो की बोरी के लिए 13 की जगह 20 रुपये और नारियल की बोरी के लिए 25 की जगह 50 रुपये मजदूरी चुकानी पड़ रही है।कारोबारियों की मांग है कि मंडी में लोडिंग और अनलोडिंग के लिए व्यवस्थित स्थान उपलब्ध कराया जाए, ताकि मुख्य सड़क से सामान ढोने की जरूरत कम हो। इसके साथ ही मंडी तक पहुंचने वाली सड़क का निर्माण कार्य जल्द पूरा कर आवाजाही सुचारू करने की जरूरत है।
कोट
सामान पहुंचाने की बढ़ी परेशानी काम चलने और सड़क की स्थिति ठीक नहीं होने के कारण मंडी तक सामान पहुंचाने की परेशानी बढ़ गई है। मुख्य सड़क से मंडी तक सब्जियां मजदूरों के सहारे पहुंचानी पड़ रही हैं। पहले जहां वाहन से सामान मंडी तक पहुंच जाता था, वहीं अब मजदूरों की जरूरत बढ़ गई है। इससे माल की ढुलाई पर होने वाला खर्च भी बढ़ा है। -गोविंद शर्मा, आढ़ती, होलसेल सब्जी मंडी
मंडी में कारोबार लगातार घट रहा कारोबार सड़क टूटने के बाद मंडी में कारोबार लगातार घटता जा रहा है। वहीं किसान भी यहां की बजाय दूसरी मंडियों की ओर रुख कर रहे हैं। लोडिंग-अनलोडिंग की व्यवस्था, बेहतर सड़क और सुचारू आवाजाही से न केवल व्यापारियों की रोजाना की परेशानी कम होगी बल्कि शहर के इस पुराने कारोबारी केंद्र की गतिविधियां भी अधिक व्यवस्थित हो सकेंगी। -राकेश कुमार शर्मा, आढ़ती, होलसेल सब्जी मंडी
पार्किंग की भी उचित व्यवस्था नहीं लोअर बाजार की सब्जी मंडी केवल खरीद-फरोख्त की जगह नहीं है। यह शिमला की पुरानी बाजार संस्कृति और स्थानीय कारोबार से लंबे समय से जुड़ी रही है। यहां न तो पार्किंग की उचित व्यवस्था है और न ही लोडिंग-अनलोडिंग की व्यवस्था है। नगर निगम को इस समस्या का जल्द से जल्द समाधान करना चाहिए।
बुनियादी सुविधाओं पर दें ध्यान मंडी की ऐतिहासिक और कारोबारी अहमियत को देखते हुए यहां केवल बाजार व्यवस्था ही नहीं बल्कि बुनियादी सुविधाओं पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। सड़क खराब होने के कारण वाहन चालकों को भी परेशानी होती है और सब्जियों को मंडी तक पहुंचाने में अतिरिक्त दिक्कत आती है। -मनोज, थोक विक्रेता, सब्जी मंडी