हिमाचल दिवस के मौके पर ध्वजारोहण के दौरान हुई चूक के कारण मौके पर उपस्थित आला पुलिस अधिकारियों और जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। इधर, राष्ट्रगान शुरू हुआ ही था कि अचानक रस्सी उलझ गई और तिरंगा आधा झुक गया।
आनन-फानन में पुलिस अधिकारी तथा कर्मचारी ध्वज को ठीक करने में लगे रहे और दूसरी ओर राष्ट्रगान बजता रहा, लेकिन अधिकारी और कर्मचारी झंडा ठीक करने में ही लगे रहे। मुख्यातिथि परेड निरीक्षण के बाद सलामी मंच पर लौट भी आए लेकिन झंडा पूरा नहीं फहराया जा सका था।
मुख्यातिथि के सलामी मंच पर वापस पहुंचते ही आला अधिकारियों के पसीने छूट गए। करीब सात मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद जैसे-तैसे झंडा फहराया जा सका। हालत ऐसी थी कि ध्वज को फहराने के लिए पुलिस आला अधिकारी, उपायुक्त कुल्लू के अलावा अन्य लोग जुटे रहे।
क्योंकि जब तक झंडा पूरी तरह नहीं फहराया जाता है, मार्चपास्ट की सलामी नहीं हो सकती थी। अधिकारियों और कर्मचारियों की नाकामी के बाद मौके पर मौजूद सेवा दल के कार्यकर्ता ने किसी तरह झंडे को फहराया। हालांकि, किसी तरह झंडा तो फहरा दिया गया है।
लेकिन जिला प्रशासन और पुलिस को कहीं न कहीं कटघरे में खड़ा कर गया है। इधर, उपायुक्त राकेश कंवर ने कहा कि चूक हुई थी लेकिन पुलिस वालों ने इसे सुधार लिया है। उन्होंने कहा कि पूरा कार्यक्रम सामान्य रूप से हुआ है।