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Hamirpur News: आईटीआई हमीरपुर के रिकॉर्ड रूम में 56 साल बाद मिले प्रशिक्षुओं के प्रमाण पत्र

Thu, 21 Sep 2023 11:03 AM IST
Krishan Singh पंकज राणा, संवाद न्यूज एजेंसी, रंगस (हमीरपुर)

सार

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के विधानसभा क्षेत्र नादौन के अंतर्गत आने वाले औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान रैल के एक रिकॉर्ड रूम से अब जाकर प्रमाणपत्र मिले हैं। दरअसल औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान वर्ष 1966-67 में उद्योग विभाग के अधीन आते थे। 
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रिकॉर्ड रूम में 56 साल बाद मिले प्रमाण पत्र - फोटो : संवाद
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विस्तार
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वर्ष 1966-67 में औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र हमीरपुर से एक वर्ष का टेलरिंग (कपड़े सिलने) का प्रशिक्षण लेने वाले प्रशिक्षुओं को अब जाकर प्रमाणपत्र मिल पाएंगे। वे पिछले पांच दशक से संस्थान से प्रमाणपत्र मांगते रहे। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के विधानसभा क्षेत्र नादौन के अंतर्गत आने वाले औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान रैल के एक रिकॉर्ड रूम से अब जाकर प्रमाणपत्र मिले हैं। दरअसल औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान वर्ष 1966-67 में उद्योग विभाग के अधीन आते थे। उस समय हमीरपुर के करीब 18 विद्यार्थियों ने आईटीआई हमीरपुर से टेलरिंग ट्रेड में प्रशिक्षण हासिल किया। इसकी एवज में प्रशिक्षुओं को तब 45 रुपये वजीफा भी मिला। इस समय औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र हमीरपुर के गांधी गेट के पास स्थित था। वार्षिक परीक्षाएं देने के बाद सभी विद्यार्थी अपने-अपने काम धंधे में जुट गए। जब उन्होंने प्रमाणपत्र के लिए संस्थान से संपर्क किया तो उन्हें यही जवाब मिला कि कुछ दिनों में सभी के प्रमाण पत्र मिल जाएंगे।

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ऐसा करते-करते पांच दशक बीत गए। किसी को भी प्रमाण पत्र नहीं मिले। वर्ष 1983 में प्रदेश के सभी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों को तकनीकी शिक्षा विभाग एवं तकनीकी शिक्षा बोर्ड के अंतर्गत शिफ्ट कर दिया गया। इसके चलते तत्कालीन समय का कुछ रिकॉर्ड को आईटीआई के साथ ही तकनीकी शिक्षा विभाग में स्थानांतरित कर दिया गया। इस बीच हमीरपुर जिले में दूसरी आईटीआई नादौन के रैल गांव में खुली। हमीरपुर आईटीआई से कुछ रिकॉर्ड रैल शिफ्ट कर दिया गया। गत दिवस रैल आईटीआई का दीक्षांत समारोह था तो रिकॉर्ड रूम में प्रधानाचार्य के हाथ वर्ष 1966-67 में प्रशिक्षण हासिल करने वाले कुछ प्रशिक्षुओं के सर्टिफिकेट लगे। इन पर धूल जमी थीं। कुछ प्रशिक्षु तो ऐसे हैं जो स्वर्ग सिधार चुके हैं।

दीक्षांत समारोह से पहले कार्यालय स्टाफ पुराने रिकॉर्ड की जांच कर रहा था। इस दौरान 18 पूर्व छात्रों के ट्रेड सर्टिफिकेट रिकॉर्ड में मिले। 17 छात्रों को उनके सर्टिफिकेट डाक से उनके घर पहुंचाए जाएंगे।-कपिल ठाकुर, प्रधानाचार्य, आईटीआई
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...तो सरकारी नौकरी के लिए होते पात्र
टेलरिंग ट्रेड सर्टिफिकेट प्राप्त करने वाले पूर्व छात्र धर्म सिंह और रीखी राम आदि ने आईटीआई प्रशासन का आभार व्यक्त किया। दूसरी ओर तत्कालीन उद्योग विभाग के लापरवाही पर गहरा रोष भी जाहिर किया। उन्होंने कहा कि उस समय विभाग सर्टिफिकेट दे देता तो शायद वे सरकारी नौकरी कर पाते। पुलिस और सेना में टेलरिंग ट्रेड के पदों पर भर्तियां होती हैं। प्रशिक्षण लेने के बावजूद सर्टिफिकेट न मिलने की वजह से मजदूरी करके ही वे परिवार का पेट पालते रहे।

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