नीट को लेकर जिला मुख्यालय नाहन में रविवार को सुबह से ही भारी हलचल देखने को मिली। सिरमौर जिला प्रशासन की कड़ी निगरानी में आयोजित हुई इस परीक्षा के लिए नाहन में बने तीन परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थी समय से पहले ही पहुंचना शुरू हो गए थे। परीक्षा को निष्पक्ष और सुचारू ढंग से संपन्न कराने के लिए केंद्रों के बाहर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। नाहन में नीट परीक्षा के सफल संचालन के लिए तीन प्रमुख शिक्षण संस्थानों को केंद्र बनाया गया। इसमें शमशेर वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला (स्कूल), पीएम श्री कन्या पाठशाला (कन्या स्कूल) और जवाहर नवोदय विद्यालय (जेएनवी) शामिल हैं।
बिलासपुर में भी नीट (यूजी) परीक्षा को लेकर सुबह से ही परीक्षा केंद्रों के बाहर अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों की आवाजाही रही। जिला प्रशासन द्वारा किए गए पुख्ता प्रबंधों के बीच 1352 अभ्यर्थी बिलासपुर और घुमारवीं स्थित पांच परीक्षा केंद्रों में परीक्षा दी। परीक्षा शुरू होने से कुछ समय पहले केंद्रों के बाहर सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और अन्य सुविधाओं की तैयारियां अंतिम चरण में दिखाई दीं। अभिभावकों ने जिला प्रशासन द्वारा किए गए प्रबंधों की सराहना करते हुए कहा कि परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा, पेयजल, परिवहन और अन्य सुविधाओं के बेहतर इंतजाम किए, जिससे छात्रों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
नीट यूजी की दोबारा परीक्षा पर परीक्षार्थी दीक्षा बोलीं, 'मैं थोड़ी परेशान हूं। मेहनती छात्रों को निष्पक्ष नतीजे मिलने चाहिए। फिर भी, दोबारा पढ़ाई करना और लगातार मेहनत करते रहना बहुत मुश्किल है। अब उम्मीद है कि परीक्षा अच्छी होगी।'
वहीं सिमरन नेगी ने कहा, 'यह मेरा दूसरा मौका था, और पेपर आसान और मुश्किल, दोनों तरह का लगा। छात्र वर्षों तक तैयारी करते हैं और फिर पेपर लीक होने से सभी पर असर पड़ता है। टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर बैन लगने से सुरक्षा के इंतजाम बेहतर लग रहे हैं। जो छात्र कड़ी मेहनत करते हैं, वे न्याय के हकदार हैं, पेपर लीक होने से उन्हें निराश नहीं किया जाना चाहिए।'