नीट पेपर लीक मामले में एनएसयूआई ने मांगा केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा
एनएसयूआई के प्रदेशाध्यक्ष टोनी ठाकुर ने कहा है कि नीट पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए और एनटीए को बैन करना चाहिए। बुधवार को प्रेसवार्ता में उन्होंने केंद्र सरकार, शिक्षा मंत्रालय और एनटीए की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि देशभर के लाखों छात्र दिन-रात मेहनत करके प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, लेकिन बार-बार लीक हो रहे पेपर युवाओं के भविष्य के साथ धोखा हैं। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में 89 से अधिक पेपर लीक होना देश की शिक्षा व्यवस्था की सबसे बड़ी विफलता है। उन्होंने कहा कि सरकार हर बार जांच और कार्रवाई का आश्वासन देकर अपनी जिम्मेदारी से बचने का प्रयास करती है, लेकिन आज तक किसी बड़े स्तर पर जवाबदेही तय नहीं की गई। नीट जैसी राष्ट्रीय परीक्षा में धांधली होना करोड़ों युवाओं के विश्वास पर हमला है। यदि देश की सबसे महत्वपूर्ण परीक्षाएं भी सुरक्षित नहीं हैं, तो यह सरकार की नाकामी को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि एनएसयूआई देशभर के छात्रों की आवाज बनकर इस मुद्दे को लगातार उठाती रहेगी और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
नीट पेपर का लीक होना दुर्भाग्यपूर्ण, देश की स्थिति ठीक नहीं : हर्षवर्धन
उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि नीट पेपर लीक होना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि लाखों युवा कई वर्षों से मेहनत कर रहे हैं लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाएं उनके भविष्य के साथ सीधा खिलवाड़ हैं। उद्योग मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की अपील इस बात का संकेत है कि देश की स्थिति ठीक नहीं है। जिस तरह से पेपर लीक के मामले लगातार सामने आ रहे हैं, उससे साफ है कि देश की शिक्षा प्रणाली चरमरा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ऐसे मामलों में मूक दर्शक बनी हुई है और सिस्टम में गंभीर खामियां आ चुकी हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली में भ्रष्टाचार बढ़ गया है और कुछ कोचिंग संस्थानों से जुड़े बच्चों को अनुचित फायदा मिलने की बातें भी सामने आती रही हैं। चौहान ने दावा किया कि जो डॉलर पहले 60 रुपये के आसपास था, वह अब 95 रुपये तक पहुंच गया है, जो आर्थिक कमजोरी को दर्शाता है।
सोलन के लिए तैयार किया जा रहा विजन डॉक्यूमेंट
वहीं, सोलन नगर निगम चुनाव को लेकर उन्होने कहा कि विजन डॉक्यूमेंट तैयार किए जा रहे हैं। इसमें शहर के समग्र विकास पर विशेष फोकस किया गया है। उन्होंने कहा कि पानी के रेट नहीं बढ़ाए जाएंगे और व्यवस्थाओं में किसी प्रकार की डुप्लीकेसी नहीं होने दी जाएगी। जलशक्ति विभाग सभी कार्यों को व्यवस्थित तरीके से पूरा करेगा।