की प्रतिष्ठा दांव पर लगी थी। यह मुकाबला कांग्रेस, भाजपा और बीजेपी से निलंबित नेत्री नीलम सरकईक के बीच था। यह पहले भी दो बार जिला परिषद सदस्य रह चुकी हैं। जिला शिमला महिला मोर्चा की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं और महिला मोर्चा राज्य सचिव के पद पर भी काम कर चुकी हैं। लेकिन इस बार भाजपा की ओर से जारी उम्मीदवारों की सूची में उन्हें बाहर कर दिया भाजपा ने यहां से बबिता को अपना प्रत्याशी उतारा।
लेकिन नीलम ने मैदान नहीं छोड़ा और रोमांचक मुकाबले में भाजपा के दिग्गजों की ओर से उतारी गई प्रत्याशी को करीब 1378 वोटों से हरा दिया। इस चुनाव पर सबकी नजरें लगी हुई थी। जिला में यह सबसे बड़ा वार्ड है। इस वार्ड के तहत 21 पंचायतें आती हैं। जुब्बल-कोटखाई विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस विधायक रोहित ठाकुर और भाजपा के पूर्व मंत्री नरेंद्र बरागटा के लिए भी यह चुनाव किसी अग्नि परीक्षा से कम नहीं था। लेकिन कोई भी अपने पसंद के प्रत्याशी का बेड़ा पार नहीं लगा पाए।
भाजपा और कांग्रेस हार मारने को नहीं थी तैयार
देर रात इसका परिणाम सबसे बाद में घोषित हुआ। भाजपा इस वार्ड से अपनी जीत सुनिश्चित मानकर चल रही थी और कांग्रेस भी हार मारने को तैयार नहीं थी लेकिन जब परिणाम सामने आया तो दिग्गजों के पांव तले जमीन खिसक गई। भाजपा से निलंबन के बाद निर्दलीय चुनाव लड़ रही नीलम सरईक को जनादेश मिला।
नीलम की जीत के बाद जुब्बल-कोटखाई में कई तरह की राजनीतिक चर्चाएं शुरू हो गई हैं। इसे सीधे तौर पर भाजपा की हार से जोड़कर देखा जा रहा है। आखिर किसके इशारे पर उन्हें टिकट देने से वंचित किया गया? नीलम के बढ़ते जनाधार से किन नेताओं को अपनी कुर्सी के लिए खतरा था? इस तरह की राजनीतिक चर्चाओं का बाजार जिला में गरम रहा।
भाजपा प्रवक्ता बाले, मंडल में थी कुछ खींचतान
गणेश दत्त ने कहा कि नीलम ने ठियोग-हाटकोटी सडक के मुद्दे पर एक मोर्चा बनाया था जिसमें कांग्रेस के लोगों को भी शामिल किया गया था इस वजह से मंडल में खींचतान थी। यह जिला महिला मोर्चा की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं। पार्टी की ओर से उतारी गई प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव लड़ने पर इन्हें निलबिंत किया गया है। इनके निलबंन वापसी पर पार्टी ही फैसला करेगी।
यह रहे हैं नतीजे
नीलम सरकईक- 8032
बबीता- 6654
शारदा- 3428
तनुजा- 1522
स्टोक्स के विस क्षेत्र में कांग्रेस का सूपड़ा साफ
सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य मंत्री विद्या स्टोक्स के विधानसभा क्षेत्र ठियोग में जिला परिषद चुनावों में सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी का सूपड़ा साफ हो गया। ठियोग के तीनों जिला परिषद वार्डों देवरीघाट, संधू और घूंड से भाजपा समर्थित प्रत्याशियों ने शानदार जीत हासिल की है।
देवरीघाट वार्ड से पूर्व विधायक राकेश वर्मा की पत्नी इंदू वर्मा ने जीत दर्ज की। संधू और घूंड वार्ड से भी पूर्व विधायक राकेश वर्मा के समर्थित प्रत्याशी जीते। चुनाव के नतीजों के बाद इसे पूर्व विधायक राकेश वर्मा की दमदार वापसी के तौर पर देखा जा रहा है।
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ठियोग के अध्यक्ष कैप्टन नत्थू राम ने कहा कि मैडम स्टोक्स के आदेश थे कि एक वार्ड से पार्टी का एक ही प्रत्याशी चुनाव लड़े लेकिन वर्कर नहीं माने। तीन सालों में पार्टी ने जो काम किया सभी उसका फायदा उठाने के लिए चुनाव मैदान में उतर गए। वोट बंटने के कारण पार्टी को हार का मुंह देखना पड़ा।