देश भर के स्कूलों में पहली से बारहवीं कक्षा तक का पाठ्यक्रम बदलने की तैयारी की जा रही है। राष्ट्रीय शैक्षणिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) किताबों में बदलाव करने को इसी माह समिति गठित करेगा। शुक्रवार को राजधानी शिमला में आयोजित शिक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान एनसीईआरटी के निदेशक ऋषिकेश सेनापति ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि नई शिक्षा नीति के तहत पाठ्यक्रम बदला जाएगा। विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ रोजगारोन्मुखी शिक्षा देने पर जोर रहेगा। एनसीईआरटी निदेशक सेनापति ने बताया कि 14 साल पुराने राष्ट्रीय पाठ्यक्त्रस्म की रूपरेखा (नेशनल करिक्यूलम फ्रेमवर्क) में बदलाव करने की तैयारी शुरू हो गई है। इस बदलाव के तहत देशभर के स्कूलों में चल रही किताबें बदली जाएंगी।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय पाठ्यक्त्रस्म की रूपरेखा को साल 1975, 1988, 2000 और 2005 में बदला गया है। बीते 14 सालों से एक ही पाठ्यक्रम के तहत पढ़ाई हो रही है, जबकि समाज में कई बदलाव आए हैं। ऐसे में अब पाठ्यक्रम में पांचवीं बार बदलाव की तैयारी है। उन्होंने बताया कि नई शिक्षा नीति के प्रावधानों के अनुसार स्कूली पाठ्यक्रम में बदलाव होगा। विषय वस्तु के भार को कम किया जाएगा। इसमें सीखने और सिखाने पर अधिक जोर रहेगा।