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प्री-प्राइमरी में बच्चों को भावनात्मक तौर पर मजबूत करें शिक्षक, निदेशक ने किया आह्वान

Fri, 18 Oct 2019 05:24 PM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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फाइल फोटो
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एनसीईआरटी के निदेशक ऋषिकेश सेनापति ने शुक्रवार को राजधानी शिमला में आयोजित शिक्षकों के पहले चरण के प्रशिक्षण का समापन किया। उन्होंने शिक्षकों का आह्वान करते हुए कहा कि प्री-प्राइमरी में बच्चों को पढ़ाने की जगह भावनात्मक और सामाजिक तौर पर मजबूत करने का काम किया जाना चाहिए। परिषद ने प्री-प्राइमरी स्कूलों के लिए गाइडलाइन जारी की है। मातृ भाषा में छोटे बच्चों को पढ़ाना चाहिए।

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बच्चों पर दबाव नहीं बनाना चाहिए। बच्चों को सिर्फ पढ़ाई के प्रति ही नहीं खेलकूद, सांस्कृतिक गतिविधियों के प्रति भी प्रोत्साहित करना चाहिए। इस दौरान निदेशक ने प्रशिक्षण में शामिल हुए शिक्षकों को प्रमाणपत्र भी वितरित किए। शुक्रवार को बिलासपुर, चंबा, सिरमौर, शिमला, लाहौल स्पीति, किन्नौर और सोलन जिला के 150 शिक्षकों का प्रशिक्षण कार्र्यक्रम संपन्न हुआ।

एनसीईआरटी शनिवार से शेष जिलों के 200 शिक्षकों को दूसरे चरण में प्रशिक्षण देगी। एनसीईआरटी के निदेशक ऋषिकेश सेनापति शनिवार को दूसरे चरण के प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे। निदेशक ने बताया कि केंद्र सरकार ने दुनिया का सबसे बड़ा शिक्षक प्रशिक्षण अभियान शुरू किया है।
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इसमें देश के सभी राज्यों के सरकारी स्कूलों के 42 लाख शिक्षकों को किताबी ज्ञान के साथ खेल-खेल में पढ़ाई, लर्निंग आउटकम, ऑर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने वाला हिमाचल 19वां राज्य है। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद ये 350 शिक्षक 128 ब्लाकों में जाकर 41 हजार शिक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे। निष्ठा कार्यक्रम में यह प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

त्रिपुरा में इस अभियान को सबसे पहले शुरू किया था। प्रशिक्षण के लिए 15 मॉड्यूल तैयार किए गए हैं। इस अवसर पर विशेष सचिव शिक्षा गोपाल शर्मा, उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा, समग्र शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशक आशीष कोहली मौजूद रहे।

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