सूबे में नदी-नालों और खड्डों में डूबने से जान गंवाने वाली अनमोल जिंदगियों को बचाने के लिए नौसेना के पूर्व गोताखोरों का बचाव दल गठित किया जाएगा। इस बचाव दल का मुख्यालय ज्वालामुखी उपमंडल में होगा। इसके लिए ज्वालामुखी के एचएएस अधिकारी संजीव कुमार ने पहल करते हुए योजना तैयार की है।
योजना के तहत सूबे में पूर्व नौसैनिकों का पूरी तरह से प्रशिक्षित पांच सदस्यीय बचाव दल बनाया जाएगा। इसका जिम्मा पूर्व नौसैनिक व गोताखोर संजय कुमार को सौंपा गया है। उनके नेतृत्व में सूबे में जल आपदा के समय में यह बचाव दल अपनी सेवाएं देगा।
नौसेना से प्रशिक्षित जो भी गोताखोर बचाव दल में शामिल होना चाहेंगे, वे ज्वालामुखी उपमंडल कार्यालय में इस दल के साथ जुड़ सकेंगे। सूबे में अभी तक प्रशिक्षित एवं समस्त उपकरणों से लैस कोई भी बचाव दल नहीं है। इस कारण जल आपदा की स्थिति में कई बार लोगों को जिंदगी बचाने में देर हो जाती है।
मौजूदा समय में भाखड़ा नंगल डैम, बठिंडा (पंजाब) और पौंग से गोताखोरों का दल मंगवाया जाता है जो गहरे पानी में जाने की ट्रेनिंग न होने के कारण कई बार कामयाब नहीं हो पाते। एसडीएम ज्वालामुखी संजीव कुमार ने कहा कि भारतीय नौसेना के सेवानिवृत्त
प्रशिक्षित गोताखोर इस योजना को कार्यान्वित करने के लिए स्वेच्छा से आगे आए हैं। उन्हें प्रशासन की ओर से अत्याधुनिक उपकरणों की किट मुहैया करवाई जाएगी जो आपदा के समय लोगों को बचाने में काम आएगी।
विदेश से मंगाई जाएगी अत्याधुनिक किट
सूबे में बचाव दल के लिए ज्वालामुखी उपमंडल अधिकारी संजीव कुमार इस प्रयास को अमलीजामा पहनाने के लिए विदेश से अत्याधुनिक उपकरणों की किट मंगाएंगे।
ये किट अभी स्वीडन, फ्रांस और यूएसए में उपलब्ध हैं। बचाव दल की किट में स्कूवा सैट, ब्रिथिंग मास्क, चार्जिंग कम्प्रैशर, सिंस, न्यूप्रिन ड्रेस, टॉर्च और लाइफ लाइन सेट शामिल हैं।
बचाव दल का बनेगा व्हाट्सऐप ग्रुप
सूबे में बनाए जा रहे इस बचाव दल का व्हाट्सऐप ग्रुप भी बनाया जाएगा जिससे आपदा के समय पूरी टीम मौके पर जल्द से जल्द पहुंच सके।