राज्य कर एवं आबकारी विभाग के दक्षिण प्रवर्तन क्षेत्र परवाणू कार्यालय ने एक राष्ट्रीयकृत बैंक को 70 करोड़ कर, ब्याज और जुर्माना राशि 90 दिन के भीतर सरकारी खजाने में जमा करने के आदेश जारी किए हैं।
राज्य कर एवं आबकारी विभाग के दक्षिण प्रवर्तन क्षेत्र परवाणू कार्यालय ने एक राष्ट्रीयकृत बैंक को 70 करोड़ कर, ब्याज और जुर्माना राशि 90 दिन के भीतर सरकारी खजाने में जमा करने के आदेश जारी किए हैं। दक्षिण प्रवर्तन क्षेत्र परवाणू के संयुक्त आयुक्त राज्य कर और आबकारी जीडी ठाकुर ने बताया कि उक्त मामला इनपुट टैक्स क्रेडिट वापसी का है। यह मामला इंटेलीजेंस टूल्स की जरिये विभाग के संज्ञान में अप्रैल 2022 में आया। जीएसटी नियम के तहत नोटिस प्रक्रिया के माध्यम से मामले में कार्रवाई की गई। इसके बाद अंतिम आदेश बैंक के विरुद्ध पारित किए गए। उन्होंने बताया कि बैंक ने जीएसटी अधिनियम की धारा 17 के तहत बनाए गए नियमों की अवहेलना की जा रही थी।
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वर्ष 2017 से 2022 तक यह अनियमितताएं बरती गईं। बैंक में प्रत्येक वर्ष तय नियमों के तहत अपनी शाखाओं से की गई खरीद पर इनपुट टैक्स क्रेडिट वापस करने में चूक हुई है, जिसे समय रहते जीएसटी नियमों के तहत बैंक की ओर से की गई कर मुक्त आपूर्ति पर अनुपात में किया जाना अपेक्षित था। इस मामले को 6 माह की कार्रवाई के बाद अंतिम आदेश जारी किए गए। इस मामले को निपटाने में विभागीय राज्य कर अधिकारी गुरबचन सिंह, शशिकांत शर्मा बतौर मुख्य जांच अधिकारी (आईओ) के अलावा सहायक आयुक्त अश्वनी शर्मा, कर अधिकारी मनोज सचदेवा, ध्यान सिंह और रीमा सूद का योगदान रहा।