विश्व के अन्य देशों के मुकाबले भारत में बैंकिंग सेक्टर के विस्तार की बहुत अधिक संभावनाएं हैं। देश के हजारों गांव आज भी बैंक सुविधा से महरूम हैं। केंद्र सरकार जन धन योजना के दूसरे चरण को शुरू करने की तैयारी में है।
इससे स्पष्ट है कि देश के लाखों लोगों तक अभी तक बैंकों की सुविधा नहीं पहुंची है। वर्मा ने कहा कि इस हड़ताल के बाद भी अगर केंद्र सरकार ने अपना फैसला नहीं बदला तो बैंक यूनियन संघर्ष को और तेज करने को विवश होगी।
बैंकों के अधिकारियों और कर्मचारियों के वेतन संशोधन में की जा रही देरी और बैंकों के विलय के विरोध में बैंक कर्मियों ने सीटीओ चौक पर धरना-प्रदर्शन भी किया। एक सप्ताह के भीतर यह दूसरी हड़ताल हुई है।
मंगलवार को क्रिसमस की छुट्टी के बाद सैकड़ों लोग बुधवार को लेन-देन के लिए बैंक पहुंचे थे। लेकिन यहां काम ठप होने से परेशानी का सामना करना पड़ा। बैंकों के शटर आधे बंद थे जिसके चलते लोग गेट से ही लौट गए।
शहर में कई बैंकों के एटीएम भी खाली रहे। माल रोड पर भी कई एटीएम में पैसे नहीं निकले। बैंकों में लाखों रुपये के चेक भी फंस गए हैं। हड़ताल के चलते इनका भुगतान नहीं हो पाया है। स्कैंडल प्वाइंट स्थित आईसीआईसीआई बैंक में दोपहर बाद लेन देन की सुविधा दी गई।
एटीएम से पैसा न निकलने के कारण सैलानियों को भी एक एटीएम से दूसरे एटीएम भागना पड़ा। क्रिसमस और न्यू ईयर के चलते भारी संख्या में सैलानी शिमला पहुंचे हैं।
ऐसे में एटीएम से ज्यादा निकासी होने से ये जल्दी खाली हो रहे हैं। पंजाब से आए गुरविंद्र सिंह और नवजोत कौर ने कहा कि शॉपिंग के लिए पैसे चाहिए थे। इसके लिए तीन एटीएम में जाना पड़ा।
शहर के बैंकों में वीरवार को कामकाज सामान्य रहेगा। सभी बैंकों में लेनदेन होगा, जबकि एटीएम से पैसा भी निकलेगा। इससे शहरवासियों और शिमला आने वाले सैलानियों को राहत मिलेगी।