देशभर में अवैध तरीके से रह रहे लोगों की पहचान के लिए केंद्र सरकार अब सभी राज्यों में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) तैयार करवाएगी। असम राज्य की तर्ज पर तमाम राज्यों को 2021 की जनगणना से पहले अपने-अपने लोगों के राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर बनाने होंगे।
असम देश का पहला राज्य है जहां एनआरसी लागू है। वीरवार को धर्मशाला में शुरू हुए केंद्रीय सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के दो दिवसीय सम्मेलन में देशभर के योजनाकार इस पर मंथन कर रहे हैं। केंद्रीय राज्य मंत्री विजय गोयल ने इसकी पुष्टि की है।
सम्मेलन के लिए धर्मशाला पहुंचे विजय गोयल ने ‘अमर उजाला’ से बातचीत में कहा कि मंत्रालय 2021 की जनगणना से पहले एनआरसी को सभी राज्यों में लागू करेगा। देश के सरकारी आंकड़े स्पष्ट और दुरुस्त किए जाएंगे। जिस भी राज्य के आंकड़े सही होंगे, उसे गुड गवर्नेंस का प्रमाण माना जाएगा।
असम में अवैध तरीके से रह रहे 40 लाख लोगों की पहचान
असम में एनआरसी से ही इस बात का पता चला कि यहां 40 लाख से अधिक लोग अवैध रूप से रह रहे हैं, जो भारत के नागरिक ही नहीं है।