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रहाटकर ने साधा निशाना, गुड़िया के दोषियों को बचाने में सरकार-पुलिस की मिलीभगत

Sat, 16 Sep 2017 09:15 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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हिमाचल में कांग्रेस राज के दौरान महिलाओं के खिलाफ हिंसा के मामलों में 41 प्रतिशत वृद्धि हुई है। गुड़िया प्रकरण से प्रदेश शर्मसार हुआ है। सरकार की शह पर पुलिस ने असली दोषियों को बचाने की कोशिश की। सीबीआई जांच में आठ पुलिस वालों की गिरफ्तारी से यह साफ होता है। साढ़े चार वर्ष में 1309 रेप के मामले सामने आए।
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औसतन हर माह 20 महिलाएं रेप जैसे जघन्य अपराध का शिकार हो रही हैं। यह बात भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष और महाराष्ट्र महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने शुक्रवार को शिमला में कही। उन्होंने हिसाब मांगे हिमाचल अभियान के तहत प्रेस कांफ्रेंस में महिला सुरक्षा का मुद्दा उठाया।

कहा कि वर्ष 2013 में अमेरिकन महिला से गैंगरेप से लेकर गुड़िया प्रकरण ने देश-दुनिया में हिमाचल की छवि खराब की है। इसका असर पर्यटन पर पड़ेगा। हिमाचल में साढ़े चार वर्ष में महिला उत्पीड़न के 2289 मामले दर्ज हुए हैं। सरकार महिलाओं की सुरक्षा करने में नाकाम रही है।
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उन्होंने कहा कि पार्टी के घोषणा पत्र में महिला सुरक्षा और सम्मान प्रमुखता से शामिल रहेगा। गुड़िया प्रकरण में जांच तेज करवाने के लिए सीबीआई को पत्र लिखने के सवाल पर उन्होंने कहा कि मामला कोर्ट में विचाराधीन है। कोर्ट के निर्देश पर जांच हो रही है। कोई टिप्पणी करना उचित नहीं है।

महिलाओं की सेहत की अनदेखी

विजया रहाटकर ने कहा कि प्रदेश में आशा वर्कर्स को जितना पैसा मिलना चाहिए, उतना नहीं मिल रहा है। केंद्र से राज्य को जिन जच्चा-बच्चा सेहत योजनाओं की धनराशि जारी की जा रही है, उसे खर्च नहीं किया जा रहा।

बेटी है अनमोल योजना पर यहां कोई खास कार्य नहीं हो रहा है। लिंग जांच केंद्रों की ट्रैकिंग के यहां पर कोई काल सेंटर नहीं बना है, जबकि केंद्र से पैसा जारी हुआ है। मातृत्व योजना को भी यहां सुचारु रूप से लागू नहीं किया जा रहा है। उन्होंने प्रदेश में लिंगानुपात के गिरने पर भी चिंता जताई।

महिलाओं को टिकटों की करेंगी पैरवी
चुनाव में महिलाओं के लिए टिकट आरक्षित करने के सवाल पर रहाटकर ने कहा कि हिमाचल में भी महिलाएं चुनाव में उतरेंगी। वे पार्टी से अधिक महिलाओं को टिकट की पैरवी करेंगी।

उनकी पार्टी देश की ऐसी इकलौती पार्टी है, जिसमें सबसे ज्यादा महिला विधायक हैं। कहा कि पंचायतीराज संस्थाओं में महिलाओं को 50 फीसदी आरक्षण भाजपा ने दिया है।

महंगाई के मुद्दों पर घिरी रहाटकर

रहाटकर ने महिला सुरक्षा को बड़ा मुद्दा बताया, लेकिन रसोई पर महंगाई की मार के सवाल पर घिर गईं। उनसे पूछा गया कि महंगाई मुद्दा नहीं है तो वे सवाल को टाल गईं। उनसे पूछा गया कि वे महंगाई पर क्यों नहीं बोलतीं, क्या महिलाओं पर महंगाई की मार नहीं पड़ रही है, जबकि रसोई गैस, दाल, सब्जियों के दाम लगातार बढ़ रहे हैं।

इस पर रहाटकर कोई सीधा जवाब नहीं दे पाईं। कहने लगीं कि केंद्र सरकार ने आमजन के लिए कई योजनाएं चलाई हैं। वे बोलीं - अच्छे दिन तो हैं ही, किसानों के हितों पर कार्य किया है। उनसे पूछा गया कि भाजपा शासित राज्यों में किसानों को ऋण माफी के लिए कुछ पांच-दस रुपये के चेक देना राहत है तो वे संतोषजनक जवाब नहीं दे पाईं।

कांफ्रेंस में मौजूद अन्य भाजपा नेता भी खुद को असहज महसूस करने लगे। अध्यक्ष इस बात पर भी घिर गईं कि एक तरफ केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री नड्डा हिमाचल में स्वास्थ्य योजनाओं को बेहतर संचालन की बात कर रहे हैं, जबकि वे बोल रही हैं कि हिमाचल में महिला योजनाएं अच्छी नहीं चल रही हैं।
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कंगना रणौत ने नहीं किया महिला आयोग से संपर्क

बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रणौत का महाराष्ट्र महिला आयोग पर अनदेखी का मुद्दा भी शिमला पहुंची महाराष्ट्र महिला आयोग के सामने उठा। विजया रहाटकर ने कहा कि कंगना की उत्पीड़न की कोई शिकायत महिला आयोग में नहीं आई है। आयोग से न लिखित न कभी मौखिक शिकायत की है।

जब यह मामला उठा था, उन्होंने खुद मामले का संज्ञान लिया। कंगना से बात की थी, लेकिन वे न आयोग आईं और न ही उनकी ओर से कोई शिकायत आई है। यदि शिकायत आती है तो आयोग उस पर कार्रवाई करेगा।

कंगना ने अभी तक संपर्क नहीं किया, बल्कि आयोग ने कोशिश की थी। उन्होंने कंगना की ओर इशारा करते हुए कि आपको सिस्टम पर विश्वास होना चाहिए। जब तक आप सिस्टम में नहीं आते तो उस पर आरोप लगाना गलता है।
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