पैराग्लाइडिंग के लिए विश्व प्रसिद्ध कांगड़ा की बिलिंग घाटी में शुक्रवार से पैराग्लाइडिंग का रोमांच शुरू हो रहा है। बिलिंग में पहली मर्तबा हो रही नेशनल पैराग्लाइडिंग एक्यूरेसी चैंपियनशिप के सफल आयोजन के लिए अंतिम तैयारियों को पूरा कर लिया गया है।
चार दिवसीय प्रतियोगिता का शुभारंभ विधायक किशोरी लाल बिलिंग में पायलटों को हरी झंडी दिखाकर करेंगे। इससे पूर्व 2250 मीटर की ऊंचा पर स्थित बिलिंग में हवन होगा। इसमें जिलाधीश सीपी वर्मा, एसडीएम सुनयना शर्मा, एसोसिएशन के पदाधिकारी और सरकारी विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे।
यह प्रतियोगिता हवाई खेलों की सर्वोच्च संस्था एफएआई (फेडरेशन एयरोनटिक इंटरनेशनल) के निर्देशों के तहत प्रदेश पर्यटन विभाग और बिलिंग पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की जा रही है। वीरवार देर शाम तक 11 देशों आस्ट्रिया, भारत, फ्रांस, यूके, यूएसए, यूक्रेन, कजाकिस्तान और न्यूजीलैंड आदि के 74 पायलटों ने आवेदन किया था।
इनमें से 30 पायलट विदेशी और 44 भारतीय पायलट शामिल हैं। चैंपियनशिप के विजेता को 2500 यूरो, उपविजेता को 1000 और तृतीय स्थान पर रहने वाले को 500 यूरो मिलेंगे। वहीं स्थानीय पायलटों के लिए अलग से इनाम रखे गए हैं। एफएआई के दो पर्यवेक्षक प्रतियोगिता के लिए मौजूद रहेंगे।
तीन बचाव दल, तीन मेडिकल टीमें तैनात
चैंपियनशिप की अंतिम तैयरियों के लिए वीरवार देर शाम एसोसिएशन के उपाध्यक्ष जेएस गुलेरिया की अध्यक्षता में बैठक हुई। एसोसिएशन के एपीआरओ अंकित सूद ने बताया कि क्योर स्थित लैंडिंग स्थल पर सर्कल तैयार करने के अतिरिक्त टेक ऑफ प्वाइंट पर सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी।
किसी भी दुर्घटना से निपटने के लिए तीन बचाव दल तैनात रहेंगे। प्रत्येक दल में आठ विशेषज्ञ प्रतिनिधि शामिल होंगे। तीन मेडिकल टीमों में से एक लैंडिंग, एक टेक ऑफ और एक बीड़ में तैनात रहेगी। बैठक में जेएस गुलेरिया, अनुराग शर्मा, विरेंद्र कटोच, सुरेश ठाकुर, ज्योति ठाकुर, डॉ. राजकुमार, राहुल, अविनाश धवन, सार्थक धवन और रण विजय आदि मौजूद रहे।