नेशलन ग्रीन ट्रिब्यूनल ने टैक्सी ऑपरेटरों सहित अन्य कारोबारियों को जोरदार झटका दिया है। सोमवार को दिल्ली में हुई सुनवाई में कोर्ट ने रोहतांग में सभी प्रकार की साहसिक गतिविधियों पर रोक लगा दी है।
जबकि, वाहनों की संख्या में भी किसी प्रकार की बढ़ोतरी नहीं की है। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि रोहतांग में स्नो स्कूटर, घोड़े वालों और यहां बने खोखों को तत्काल प्रभाव से हटाया जाए।
16 जुलाई को प्रदेश सरकार, जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग को एनजीटी की शिमला बैंच में तलब किया गया। उल्लेखनीय है कि गत माह एनजीटी की टीम ने रोहतांग में चार हजार वाहन पाए थे।
सरकार को लगाई फटकार
इसके अलावा भारी मात्रा मे गंदगी, शौचालयों की दयनीय हालत, यहां बने खोखों, स्नो स्कूटर संचालकों द्वारा सैलानियों से की जा रही लूट खसूट पर प्रदेश सरकार, जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग को कड़ी फटकार लगाई है।
वहीं 16 जुलाई को शिमला में सभी रिकार्ड के साथ तलब किया गया है। पूछा गया है कि रोहतांग में एक हजार के स्थान पर एक दिन में चार हजार वाहन कैसे पहुंच गए।
जबकि रोहतांग में सभी प्रकार की सहासिक गतिविधियों पर रोक लगा दी गई है। इसके अलावा यहां घोड़े वालों,खो खो वालों सहित अन्य कारोबारियों को हटाने के आदेश जारी किए गए है।
इधर,एसडीएम मनाली ज्योति राणा ने कहा है अभी उन्हें आदेश की कॉपी नहीं मिली है। लेकिन उन्होंने बताया कि 16 जुलाई को शिमला में सुनवाई रखी गई है।