फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आपदा आई तो नियंत्रण से बाहर हो जाएंगी प्रदेश की आपात सेवाएं

Fri, 20 Jul 2018 10:24 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
विज्ञापन
विज्ञापन

सूबे में अगर आपदा आई तो आपात सेवाएं भी नियंत्रण से बाहर हो सकती हैं। इसका कारण पुलिस, अग्निशमन और एंबुलेंस सेवा को नियंत्रित करने के लिए सूबे में राष्ट्रीय आपात प्रतिक्रिया सेवा (एनईआरएस) 112 का जो प्रदेश स्तरीय कंट्रोल रूम बनाया जा रहा है, वह जगह आपदा के लिहाज से बेहद संवेदनशील मानी जाती है।

विज्ञापन


इस सेवा को लागू करने के लिए नोडल एजेंसी हिमाचल पुलिस ने 112 का कंट्रोल रूम पुलिस मुख्यालय के ग्राउंड फ्लोर पर बनाया है। यह सड़क से चार मंजिल नीचे है। जिस भवन में कंट्रोल रूम बनाया है, वह अग्निशमन विभाग द्वारा पास भी नहीं है।

देश में एक आपात नंबर शुरू करने की योजना के तहत केंद्र ने प्रदेश सरकार को एनईआरएस 112 स्थापित कर शुरू करने को करीब पांच करोड़ का बजट जारी किया। योजना लागू करने को पुलिस मुख्यालय को नोडल एजेंसी बनाया गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

आपदा के लिहाज से पहले ही खतरनाक है पुलिस मुख्यालय की बिल्डिंग

मुख्यालय ने करीब साल मंथन के बाद पुलिस मुख्यालय की पहली मंजिल पर इसका कंट्रोल रूम स्थापित कर दिया है। खास बात यह है कि जिस मंजिल पर यह नियंत्रण कक्ष बना है, वह सड़क से चार मंजिल नीचे हैं। छह मंजिल की यह इमारत भी आपदा के लिहाज से संवेदनशील है। अभी तक पूरा भवन अग्निशमन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र भी नहीं ले सका है। 

डीजीपी सीताराम मरडी से इस संबंध में बात करने का प्रयास किया गया, लेकिन वे उपलब्ध नहीं हो सके। वहीं, मुख्य अग्निशमन अधिकारी जेसी शर्मा ने बताया कि पुलिस मुख्यालय की ओर से अग्निशमन अनापत्ति प्रमाणपत्र के लिए हाल में आवेदन किया है। निरीक्षण कर कुछ जरूरी बदलाव के लिए लिखा गया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें