उन्होंने ये भी कहा कि सिरमौर में सैकड़ों उद्योग हैं, लेकिन उद्योगों से किसी तरह की डोनेशन नहीं मिली है। स्कूली छात्रों से भी पांच जिंदगियां बचाने के लिए दान मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि चैरिटी के लिए कोई भी औद्योगिक इकाई आगे नहीं आ रही है। यह एक चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि इस चैरिटी रन के में सभी जगह पर लोगों ने आगे हाथ बढ़ाया है।
धावक सुनील शर्मा ने बताया कि यह उनकी तीसरी चैरिटी रन है, जिसमें रोगियों की मदद के लिए फंड एकत्रित किए जा रहे हैं। इसके बाद सुनील शर्मा अपनी टीम के साथ सुबह पांवटा से शिलाई के लिए रवाना हुए।