नरेश चौहान ने कहा कि हिमाचल प्रदेश को जीएसटी लगाने के बाद नुकसान हुआ है। जीएसटी प्रतिपूर्ति केवल जयराम सरकार के कार्यकाल तक ही मिलती रही। वर्तमान सरकार के कार्यकाल में यह मुआवजा बंद हो गया।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने कहा कि वर्ष 2017 में मोदी सरकार ने जीएसटी के नाम पर जजिया लगाया। टैक्स लगाएंगे भी यही लोग और इसे कम करने का क्रेडिट भी यही ले रहे हैं। कांग्रेस तो शुरू से ही इसे गब्बर सिंह टैक्स बताती रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा के प्रवक्ता हिमाचल प्रदेश आते हैं तो कहते हैं कि केंद्र के वसूले टैक्स का हिस्सा राज्य को भी मिलेगा। इसमें कोई एहसान वाली बात नहीं है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश को जीएसटी लगाने के बाद नुकसान हुआ है। जीएसटी प्रतिपूर्ति केवल जयराम सरकार के कार्यकाल तक ही मिलती रही। वर्तमान सरकार के कार्यकाल में यह मुआवजा बंद हो गया है। चौहान ने पूछा कि जब यह टैक्स लगाया तो किसकी सरकार थी।
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पत्रकार वार्ता में बुधवार को चौहान ने कहा कि जीएसटी के तहत केंद्र ने 55 हजार करोड़ रुपये का टैक्स लगाया। उसे भी हिमाचल में विपक्ष को बताना चाहिए कि कहां इसे खर्च किया गया। लगाने वाली भी भाजपा की ही सरकार थीं। इतना भारी टैक्स लिया। उन्होंने कहा कि टैक्स कम होने का फायदा उपभोक्ताओं को मिलना चाहिए। 2025-26 में 11690 करोड़ रुपये केंद्र सरकार से टैक्स के आने हैं। विपक्ष के नेता और सांसदों को हिमाचल के लिए केंद्र से विशेष पैकेज मांगना चाहिए।
बोले, भाजपा को मुख्यमंत्री की लोकप्रियता रास नहीं आ रही
नरेश चौहान ने कहा कि राज्य की कांग्रेस सरकार के खिलाफ भाजपा ने ट्रोल आर्मी बनाई है। भाजपा को मुख्यमंत्री की लोकप्रियता रास नहीं आ रही है। वह लाइव कर रहे हैं ताे अब तक तो 50 लोग गालियां दे चुके हैं।