ठियोग-हाटकोटी-रोहड़ू सड़क की बदहाली पर पूर्व मंत्री नरेंद्र बरागटा ने उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर कर दी है। सड़क के लिए 80 किलोमीटर का पैदल सफर तयकर संघर्ष कर रहे बरागटा ने मानव अधिकार आयोग में भी आवाज उठाने का फैसला लिया है।
बरागटा ने कहा कि सड़क की खस्ता हालत के चलते पेश आ रही समस्याओं को देखते हुए हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर कर दी है। याचिका में सुस्त चल रहे सड़क के निर्माण कार्य में तुरंत दखल देने की मांग की है।
याचिका में आग्रह किया है कि उच्च न्यायालय सड़क का निर्माण कार्य अपनी देखरेख में करवाए तथा समय-समय पर कार्य की समीक्षा भी की जाए। ठियोग से रोहड़ू सड़क को शीघ्र पक्का करने की भी मांग उठाई गई है।
उन्होंने बताया कि वह शीघ्र ही मुद्दे को मानव अधिकार आयोग के समक्ष भी उठाएंगे। बागवानों के अधिकारों की लड़ाई को दिल्ली तक पहुंचाया जाएगा। बताया कि प्रदेश सरकार सड़क निर्माण कार्य को लेकर गंभीर नहीं है।
भाजपा कार्यकाल के दौरान भी कांग्रेस ने भी सड़क निर्माण कार्य में रोड़ा डाला। चाइनीज कंपनी के सभी मजदूरों का वीजा रद किया गया। इसके चलते चीन की कंपनी सड़क नहीं बना पाई। आज जब सड़क निर्माण कार्य कांग्रेस ने दूसरी कंपनी को सौंप दिया है तब भी सड़क की खस्ता हालत के लिए भाजपा को ही दोषी ठहराकर लोगों को गुमराह किया जा रहा है।