ढली-संजौली बाईपास पर गाड़ी का चालान भी काटा
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। शिमला घूमने आए मध्य प्रदेश के सहायक जेल अधीक्षक को गाड़ी पर नेम प्लेट लगाना महंगा पड़ गया। ट्रैफिक मजिस्ट्रेट शिमला की अगुवाई में लगाए गए नाके के दौरान गाड़ी से नेम प्लेट उतरवाई गई और चालान भी किया।
ट्रैफिक मजिस्ट्रेट शिमला एवं किन्नौर राघव गुप्ता की अगुवाई में वीरवार को ढली-संजौली बाईपास पर नाका लगाया गया था। इस दौरान पुलिस ने नंबर प्लेट पर नेम प्लेट लगी निजी गाड़ी को रोका। पूछताछ की तो पुलिस अधीक्षक रैंक के अधिकारी गाड़ी में मौजूद थे। पुलिस कर्मियों ने उन्हें बताया कि हिमाचल में गाड़ी पर नेम प्लेट लगाना गैर कानूनी है, इसलिए आपको नेम प्लेट ढक कर रखनी चाहिए थी। इसके बाद गाड़ी से नेम प्लेट उतारी गई और 500 रुपये का चालान किया गया।
ट्रैफिक मजिस्ट्रेट की टीम ने स्थानीय पुलिस के साथ सुबह 11 बजे से एक बजे तक लगाए नाके के दौरान 75 वाहनों का निरीक्षण किया। इस दौरान जिन वाहनों में लगाई गई काली फिल्में, फ्लैग रॉड और नेम प्लेटें हटवाई गई और चालान काटे गए। नियमों के उल्लंघन पर 35 वाहनों के चालान कर मौके पर ही करीब 24600 जुर्माना वसूला गया। ट्रैफिक मजिस्ट्रेट राघव गुप्ता ने ऑकलैंड टनल लांग वुड सड़क पर अवैध रूप से पार्क किए गए वाहनों को हटाने के भी निर्देश दिए ताकि आपातकालीन स्थिति में एंबुलेंस और फायर की गाड़ियों को गुजरने में समस्या पेश न आए।