वह वक्त से तीन साल आगे चल रहा है। राज्य सरकार ने उसकी प्रतिभा को देखते हुए समय से पहले पांचवीं कक्षा की परीक्षा देने की विशेष अनुमति दी थी। इसके बाद से वह बिना रुके आगे बढ़ रहा है। वह जमा एक कक्षा में शिमला की राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला संजौली में पढ़ रहा है जबकि उसकी उम्र के बच्चे अभी आठवीं या नौवीं कक्षा से आगे नहीं निकल पाए हैं।
लेकिन ये बहुत कम लोग जानते हैं कि तेरह साल का नैतिक सुंटा गजब का आढ़ती है। वह बडे़-बडे़ आढ़तियों के बीच बोलियां लगाकर सेब की खरीद करता है। नैतिक पढ़ाई में तो अव्वल है ही, शिमला के भट्टाकुफर स्थित फल मंडी में भी कमाल दिखा रहा है। नैतिक कहता है कि पहले उसे सेब खरीदने का महज शौक था, अब नशा है। नैतिक को आईएएस अधिकारी बनना है।
शिमला मंडी में रोजाना करता है सेब खरीद
‘अमर उजाला’ से बातचीत में नैतिक ने बताया कि उसका स्कूल लगता है पौने दो बजे। इससे पहले 10 से 12 बजे के बीच रोजाना वह भट्टाकुफर मंडी जाता है। वहां आढ़तियों के बीच बोलियां लगाता है। अवकाश वाले तो पूरे दिन ही मंडी में रहता है।
खुद पूरे देश की मंडियों के लिए फोन करता है। रविवार और सोमवार को नैतिक ने गुजरात के जामनगर की आढ़ती फर्म एलएएच के लिए सेब खरीदा। उसने कहा कि पिता संजीव सुंटा की गैरमौजूदगी में वह अकेले ही सेब बेचता है। मध्य प्रदेश में नानक फूड कंपनी में काम करता है। वह शौक से ही सेब की खरीद करता है। पिता जी का सहयोग करने के लिए वह ऐसा करता है।
पेटी खोलते ही सेब का रेट तय कर देता है नैतिक
पिता संजीव सुंटा ने बताया कि नैतिक बचपन से ही सेब की खरीद कर रहा है। नैतिक के आईक्यू को देखते हुए ही उसे आढ़ती का ऑफर मिला था। नानक फूड कंपनी के लिए वह नियमित रूप से सेब की खरीद करता है। पेटी खोलते ही सेब का रेट तय करता है। नैतिक को कंपनी वाले देश की कोलकाता, मुंबई, दिल्ली जैसी बड़ी मंडियों की सैर करवा चुके हैं। इस कारण उसे बड़ी मंडियों के कामकाज की भी समझ है।
सूबे में इस्लामाबाद जैसी हरियाली चाहते हैं नैतिक
नैतिक सुंटा मूल रूप से रोहडू़ में नावर टिक्कर के पास खलावन गांव के निवासी हैं। उनके इलाके में भी सेब के बगीचों के लिए अतिक्रमण हुआ है। नैतिक कहते हैं कि अतिक्रमण कर तैयार किए गए बगीचों में पेड़ कटान के बजाय इन्हें बेरोजगारों को लीज पर दिया जाए तो ज्यादा अच्छा होगा। नैतिक चाहते हैं कि शिमला के आसपास और हिमाचल में वैसी ही हरियाली हो, जैसी इस्लामाबाद में है। उन्होंने पढ़ा है कि वहां पर नौ डिग्री तक तापमान कम हुआ है।