हिमाचल में बीते 24 घंटों से जारी मूसलाधार बारिश के बाद रविवार को दिन में मौसम कुछ साफ रहा। शनिवार रात बारिश के चलते कई सड़कें बंद हो गईं, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। नाहन शिमला एनएच करीब नौ घंटे बंद रहने की वजह से पूरी रात लोग वाहनों में ही फंसे रहे।
इसके अलावा बारिश की वजह से दिल्ली-भुंतर के बीच की उड़ानें भी लेट र्हुइं। वहीं, 13050 फीट ऊंचे रोहतांग दर्रा और किन्नौर की पहाड़ियों पर ताजा हिमपात दर्ज किया गया। हालांकि दर्रा में पांच सेंटीमीटर बर्फबारी के बावजूद वाहनों की आवाजाही सुचारु रही।
वहीं, मौसम विभाग ने सोमवार से मौसम साफ रहने का अनुमान जताया है। हालांकि, मध्य पर्वतीय इलाकों में एक-दो जगह बारिश की संभावना है। रविवार को मौसम साफ होने के चलते लोगों ने राहत की सांस ली।
हालांकि बारिश के बाद से दर्जनों सड़कें अब भी ठप हैं और इन पर वाहनों की आवाजाही नहीं हो पा रही। वहीं, पीडब्ल्यूडी के कर्मचारी सड़कों का संचालन शुरू करने के लिए शाम तक जुटे रहे।
किन्नौर की ऊंची चोटियों पर भी रविवार को भी ताजा हिमपात हुआ। इससे जिले में ठंड बढ़ गई है। इसके अलावा रामपुर में हल्की बारिश हुई।
रविवार को शिमला में अधिकतम तापमान 22.0, ऊना में 33.4, धर्मशाला में 27.2, सोलन में 25.5, कांगड़ा में 30.0, नाहन में 26.4, डलहौजी में 17.5, बिलासपुर में 31.3, हमीरपुर में 30.4, सुंदरनगर में 29.5 और भुंतर में 28.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
51 रूटों पर बसों की आवाजाही ठप, एक दर्जन बसें फंसीं
मूसलाधार बारिश से हिमाचल के 51 रूटों पर बसों की आवाजाही बंद हो गई है। इन सड़कों पर जगह-जगह भू-स्खलन हुआ है। इन रूटों पर परिवहन निगम की एक दर्जन बसें फंसे हैं।
हालांकि लोक निर्माण विभाग ने दावा किया है कि एक दर्जन के करीब सड़कों को बस चलाने योग्य खोल दिया है। सोमवार शाम तक सभी सड़कें यातायात के लिए सुचारु हो सकेंगी।
परिवहन निगम से मिली जानकारी के मुताबिक जिला शिमला के 22 लिंक रोड यातायात के लिए बाधित हैं। चंबा जिले में भी 12 ग्रामीण सड़कों पर बसों की आवाजाही बंद है।
कुल्लू और धर्मशाला रूटों पर भी बसों की आवाजाही प्रभावित है। निगम प्रबंधन ने दो दिन पहले ही चालकों को निर्देश जारी किए हैं कि वह बारिश के चलते भूस्खलन वाले क्षेत्रों में बसें न चलाएं।
हिमाचल में भूस्खलन में पहले भी बड़े हादसे हुए हैं। ऐसे में बसें चलाने में रिस्क नहीं लिया जा सकता है। ठियोग-हार्टकोटी, करसोग, टिक्करी, चौपाल सड़कों पर बारिश के बाद भूस्खलन हो रहा है। ऐसे में इन सड़कों पर बसें की आवाजाही खतरनाक हो सकती है।
परिवहन मंत्री जीएस बाली ने कहा कि हिमाचल में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत जो सड़कें बनी हैं, उन पर भूस्खलन की शिकायतें आ रही हैं। ऐसे में इन सड़कों में बसें नहीं भेजी रही है। मौसम साफ होते ही वाहनों की आवाजाही शुरू होगी।