राजधानी में भारी बारिश से हुए नुकसान की भरपाई के लिए तैयार किए 98 और प्रस्तावों को नगर निगम सदन ने मंजूरी दे दी है। इन कार्यों पर 7.75 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। पिछले महीने हुए सदन ने भी करीब दस करोड़ रुपये के 123 प्रस्तावों को मंजूरी दी थी। महापौर सुरेंद्र चौहान की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई नगर निगम की मासिक बैठक में इन प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
इसके तहत शहर में बारिश से टूटे रास्तों और सड़कों की मरम्मत की जाएगी। नाले पक्के किए जाएंगे। महापौर ने कहा कि वार्डाें में सभी जरूरी काम शुरू करवाए जा रहे हैं। उपनगरों में खराब पड़ी एलईडी लाइटें बदलने और नई लाइटें लगाने का जिम्मा अब नई कंपनी को दिया जाएगा। पार्षद आरआर वर्मा, आशा शर्मा, निशा ठाकुर ने सवाल उठाए कि सैकड़ों लाइटें दो साल से खराब पड़ी हैं। इन्हें ठीक नहीं किया जा रहा।
सदन ने नगर निगम की खाली जमीनों का लैंड बैंक तैयार करने पर भी चर्चा की। नगर निगम सदन में इस बार भी कई विभागों के अफसर गायब रहे। पार्षदों ने इस पर हंगामा किया। फैसला लिया गया कि अब इनके खिलाफ सीएम के पास शिकायत की जाएगी। नगर निगम के सदन में कई अहम मुद्दों पर भी चर्चा की गई। इसके अलावा बारिश के दौरान हुए नुकसान की भरपाई को लेकर भी मुद्दे उठाए गए। पूर्व पार्षद राजेंद्र प्रसााद जिंदा के निधन पर एमसी के सदन में शोक भी व्यक्त किया गया।
10 हजार होगा किराया, दुकानें मिलेंगी
सब्जी मंडी में स्मार्ट सिटी मिशन से तैयार नई दुकानों के नीचे बने 22 स्टोर कारोबारियों को किराये पर दिए जाएंगे। यह स्टोर उन्हीं को दिए जाएंगे जिनकी दुकानें स्टोर के ऊपर हैं। कांग्रेस पार्षद उमंग बंगा ने इसका मामला उठाया था। कारोबारियों को स्टोर का दस हजार रुपये मासिक किराया देना होगा।
सदन में लिए गए अहम फैसले
-तहबाजारियों को मिलेंगी टुटीकंडी में बनी नौ दुकानें
-पार्किंग, ब्रिज जैसी योजनाएं बनाने के लिए तैनात होगा कंसलटेंट
-समरहिल मेविला मोहल्ला में पार्किंग, दुकानें बनाने की मंजूरी
-टुटीकंडी में चौड़ी की गई सड़क पर लगेगी येलो लाइन, मिलेगी पार्किंग
-कैथू बाजार में निगम की खाली जमीन पर बनेगा पार्षद कार्यालय
-खाली जमीन पर प्रीफैब दुकानें बनाएंगे, निगम को होगी कमाई
-भरयाल कूड़ा संयंत्र के संचालन के लिए एक करोड़ देगा निगम
लोहा सिटी, चालक भर्ती और टाउनहॉल पर हंगामा
विधानसभा में कांग्रेस की ओर से शिमला शहर को लोहा सिटी बनाने के आरोपों पर सदन में भाजपा पार्षद सरोज ठाकुर, आशा शर्मा, कमलेश मेहता ने सवाल उठाए। पूछा कि अगर पार्किंग लोहे के स्ट्रक्चर की नहीं बनेगी तो क्या प्लास्टिक लगाएंगे। पूछा कि यदि स्टील पार्किंग गलत है तो कांग्रेस शासित निगम क्यों इसे बना रहा है।
सदन में टाउनहॉल का हैरिटेज कमेटी से निरीक्षण न करवाने पर भी पार्षद सरोज ठाकुर ने सवाल उठाए। नगर निगम चालकों की भर्ती का मामला भी सदन में गरमाया। पार्षदों ने पूछा कि कब तक चहेतों को ही नौकरी देते रहेंगे। पार्षदों ने चालक भर्ती का पूरा ब्योरा भी मांगा। प्रशासन अब इसे अगले सदन में देगा। सदन ने राहत दी कि जिन लोगों का कूड़ा शुल्क और पेयजल हजारों रुपये हो गया है, उन्हें किस्तों में भुगतान की सुविधा दी जाएगी।
707 को जारी होंगे नोटिस
नगर निगम संपत्तियों का किराया न देने वाले 707 डिफाल्टरों को निगम नोटिस देगा। इनसे करोड़ाें रुपये किराए के वसूले जाने हैं। नगर निगम अपनी संपत्तियों का डिजिटल प्रापर्टी रजिस्टर भी तैयार करेगा। इसमें हर वार्ड की संपत्ति को आनलाइन किया जाएगा। आपदा के चलते पार्षद की 15 लाख रुपये की निधि से अभी काम नहीं होंगे। पहले नुकसान से भरपाई के काम होंगे।