शिमला के नेरवा के शिवधार गांव में रहस्यमयी बीमारी से ढाई साल के बच्चे की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया है। विभाग ने चार सदस्यों की टीम को एक बार फिर से गांव भेजा। टीम का दावा है कि गांव में नौ अन्य बच्चे बुखार और खांसी से ग्रस्त पाए गए हैं।
टीम ने बच्चों को मौके पर प्राथमिक उपचार के तौर पर इंजेक्शन और अन्य दवाइयां दी। ग्रामीणों की ओर से प्रयोग में लाए जा रहे पानी के सैंपल लिए। मालत पंचायत की दलित बस्ती शिवधार में स्वास्थ्य विभाग ने मंगलवार को आनन फानन में एक बार फिर से स्वास्थ्य टीम भेजी।
डॉ. श्रुति के नेतृत्व में चार सदस्य टीम ने गांव में जाकर बच्चों की जांच की। बच्चे किस तरह के बुखार से ग्रस्त है, इस बारे में स्वास्थ्य विभाग कुछ नहीं कह रहा है। ग्रामीणों को एहतियात के तौर पर पानी उबाल कर पीने का सुझाव दिया गया है।
स्थानीय निवासी मुंगी राम मांगटा, सुंदर सिंह, भगत राम, दलबीर, संतोष ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम मंगलवार को गांव में आई थी। गांव मे नौ बच्चे बुखार और खांसी से ग्रस्त थे, जिन्हें दवाइयां दी गई।
उधर, खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. भारत भूषण ने बताया कि बच्चों को किस तरह का बुखार हुआ है। इस बारे में वह कुछ भी नहीं बता सकते हैं। टीम ने पानी के लिए सैंपल लिए या नहीं इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। बच्चों के बुखार की जानकारी स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों से पता कर सकते हैं। उनके पास इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है।