सरसों का तेल (सांकेतिक तस्वीर)
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हिमाचल के राशनकार्ड उपभोक्ताओं को सब्सिडी पर दिया जा रहा सरसों तेल सस्ते राशन डिपुओं में महंगा, जबकि बाजार में सस्ता मिल रहा है। डिपुओं में उपभोक्ताओं को 142 रुपये प्रतिलीटर सरसों तेल दिया जा रहा है। इसके दाम में प्रतिलीटर 10 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। पहले यह 132 रुपये लीटर था। वहीं, बाजार में कच्ची घानी 130 रुपये और ब्रांडेड कंपनी का सरसों तेल 160 रुपये लीटर तक बिक रहा है।
बाजार में बिकने वाले सरसों तेल के दाम 30 रुपये तक कम हुए हैं। अब ब्रांडेड कंपनी का सरसों तेल 154 से 160 रुपये लीटर मिल रहा है। रेट में ज्यादा अंतर न होने के कारण राशनकार्ड उपभोक्ता डिपुओं में लाइन में लगने के बजाय बाजार से तेल ले रहे हैं। हिमाचल में साढ़े 19 लाख राशनकार्ड धारक उपभोक्ता हैं। प्रदेश सरकार उपभोक्ताओं को दो लीटर तेल (रिफाइंड, सरसों), चार दालें में से तीन दालें (मलका, माश, मूंग और दाल चना), चीनी और एक किलो नमक सब्सिडी पर दे रही है।
आटा और चावल केंद्र सरकार सब्सिडी पर दे रही है, लेकिन सरकार की ओर से सब्सिडी पर दिए जा रहे तेल के रेट में ज्यादा फर्क नहीं है। पूर्व व्यापार मंडल के अध्यक्ष रमेश चंद सूद ने बताया कि ब्रांडेड कंपनी का तेल 154 से 160 रुपये लीटर दिया जा रहा है। पांच लीटर और इससे ज्यादा तेल लेने पर दाम और भी कम हैं। कारोबारी संजीव ठाकुर ने बताया कि बाजार में ब्रांडेड कंपनी का तेल 130 रुपये से 160 रुपये के बीच बिक रहा है।