जिला चंबा के वन्य अभ्यारण्य क्षेत्रों कुगति, कालाटोप, तुंदाह, गमगुल, सिहा बेई व सेचू (पांगी) में विलुप्त मानी जा रही प्रजातियों की मौजूदगी मिली है। अब विभागीय अमला इन जानवरों की सुरक्षा को लेकर मुस्तैद हो गया है।
कालाटोप व खज्जियार में इन वन्य जीवों की सुरक्षा के लिए पेट्रोलिंग वैन लगाई गई है। इसके जरिये विभागीय कर्मचारी दिन रात जंगल में होने वाली घुसपैठ पर नजर रख रहे हैं।
इसके अलावा खज्जियार, सतरूंडी व कालाटोप में बनी चेक पोस्टों पर सीसीटीवी लगाए गए हैं। इस पूरे इलाके में हथियारों के साथ किसी की भी प्रवेश पर नजर रखी जा रही है।
वन्य प्राणी विभाग के डीएफओ निशांत मंढ़ोत्रा ने बताया कि चंबा में बर्फानी तेंदुए, भूरे भालू के बाद अब कस्तूरी मृग के होने के सबूत मिले हैं। यह अच्छी खबर है। इन विलुप्त प्रजातियों के संरक्षण को लेकर विभाग पूरे प्रयास कर रहा है। संरक्षित क्षेत्र में किसी भी अनधिकृत प्रवेश को रोकने के लिए निगरानी तंत्र और मजबूत किया गया है।