हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले में चौपाल उपमंडल की मढ़ावग पंचायत के लांबा गांव में बागवान के अधीन मजदूरी करने वाले नेपाली मूल के व्यक्ति ने पत्नी की हत्या करने के बाद उसका शव बगीचे में गड्ढ़ा बना कर दबा दिया। घटना के करीब ढाई महीने में दुर्गंध आने पर इसका खुलासा हुआ। दुर्गंध आने पर जब आसपास बारीकी से तलाश गया तो महिला का गला-सड़ा शव निकला। उसके तन के कपड़ों से मृतक महिला की पहचान हुई है। फौरी तौर पर मृतक महिला की उम्र 27-28 साल बताई जा रही है। पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर दिया है।
घटना दस फरवरी के आसपास की बताई जा रही। वारदात से पर्दा उस समय उठा जब बगीचे के मालिक एक अन्य नेपाली मजदूर के साथ बागवानी का कार्य कर रहे थे। बगीचे में जमीन से दुर्गंध आने पर जांच की तो नाली के साथ बूट मिला। शक होने पर पत्थर हटाए तो पत्थरों के नीचे गला-सड़ा शव नजर आया। उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस की मौजूदगी में फोरेसिंक टीम को मौके पर बुलाया गया। एसएफएसएल टीम ने मौके का निरीक्षण कर सड़-गल चुके शव को कब्जे में ले लिया है। शव का आईजीएमसी शिमला में पोस्टमॉर्टम किया जाएगा। शव इस कदर सड़ चुका कि उसकी पहचान कर पाना नामुमकिन है।
मृतका की पहचान उसके तन के कपड़ों से कर ली गई है। पुलिस ने मृतिका के आरोपित पति गोपाल को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है । पुलिस की प्रारंभिक जांच के बाद पहली नजर में हत्या का कारण अवैध संबंध माना जा रहा है । मृतका आरोपी की दूसरी पत्नी है। उसकी पहली पत्नी नेपाल में रह रही है। बागवान के अनुसार पूछने पर आरोपी ने बताया था कि उसकी पत्नी किसी के साथ भाग गई है। कहने पर भी उसने पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज नहीं करवाई। एसडीपीओ चौपाल राज कुमार ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि मृतका के आरोपी पति को गिरफ्तार कर चौपाल थाना में आईपीसी की धारा 302,201 के अंतर्गत मामला दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने कहा प्रारंभिक जांच में आरोपी ने पुलिस के सामने अपना जुर्म कबूल किया है।