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टैक्सी हाईजैक मामला, सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस

Mon, 25 Jan 2016 10:36 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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14 जनवरी से गायब ऑल्टो कार को ट्रेस करने में नाकाम रहीं जांच एजेंसियां अब हिमाचल से बाहर जाने वाले रास्तों के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही हैं। जांच एजेंसियां इस बात की उम्मीद कर रही हैं कि अगर गाड़ी को हिमाचल से बाहर ले जाया गया होगा तो बॉर्डर चेक पोस्टों से लेकर टोल प्लाजा और हाईवे की दुकानों के कैमरों की जद्द में आई जरूर होगी।
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हालांकि इस पूरी कवायद को खुद अधिकारी भी घास के ढेर में सुई ढूंढने जैसा मान रहे हैं। फिलहाल अधिकारियों का पूरा जोर उस कार को बरामद करने परलगा है। कांगड़ा के गगल से पठानकोट के लिए किराए पर लेने के बाद ड्राइवर की हत्या कर ऑल्टो कार हाईजैक करने की घटना को 11 दिन हो गए हैं। लेकिन घटना की सूचना मिलने के बाद से अब तक पुलिस के हाथ खाली हैं।

गगल चौराहे पर लगे सीसीटीवी से मिले फुटेज के आधार पर पुलिस व जांच एजेंसियों ने आरोपियों के फुटेज तो जारी किए लेकिन उनसे भी अभी तक कोई कामयाबी नहीं मिली है। इस सारी कवायद के बाद भी खाली हाथ रही पुलिस के लिए अब इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस पर निर्भर हो गई है।
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हिमाचल पुलिस ने पड़ोसी प्रदेशों की पुलिस के साथ मिलकर हिमाचल से बाहर जाने वाले हर रास्ते पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगालना शुरू कर दिया है। जांच की मॉनीटरिंग से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस कवायद के जरिये इस बात को जानने का प्रयास किया जा रहा है कि कार आखिर गई कहां।

रूट तय होने पर मकसद और संभावित प्लान के काम पर काम किया जा सकेगा। चूंकि 26 जनवरी नजदीक है और आतंकी हमले का अलर्ट पहले ही जारी हो चुका है इसलिए इस प्रक्रिया में अन्य एजेंसियों को भी शामिल किया गया है।

इन राज्यों के सीसीटीवी फुटेज पर है नजर- पुलिस पंजाब, जम्मू कश्मीर, उत्तराखंड और चंडीगढ़ तक जाने वाले रास्तों पर पड़ने वाले सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। कोशिश हो रही है कि टोल प्लाजा व चेक पोस्टों के अलावा हाईवे किनारे बने प्रतिष्ठानों के कैमरों की फुटेज से कार के संभावित रूट की जानकारी हासिल की जा सके।

इन राज्यों में है अलर्ट- केंद्रीय एजेंसियों ने जम्मू कश्मीर, पंजाब, दिल्ली और हिमाचल के प्रमुख स्थानों के लिए अलर्ट जारी किया है। अर्धकुंभ के चलते उत्तराखंड के हरिद्वार को भी सेंसिटिव जोन माना जा रहा है। इसी वजह से सभी राज्यों को कहा गया है कि हर छोटी मूवमेंट को तत्काल आपस में और केंद्रीय एजेंसियों से साझा करें ताकि हर स्थिति से निपटने में आसानी रहे।

एसएजी की धर्मशाला यूनिट को किया स्टैंडबाय- हिमाचल प्रदेश के कमांडोज का स्पेशल एक्शन ग्रुप (एसएजी) को स्टैंडबाय किया गया है। राजधानी शिमला में होने वाले गणतंत्र दिवस के कार्यक्रम की निगरानी के लिए पहले ही उनकी तैनाती की तैयारी है। एसएजी की धर्मशाला यूनिट के जवानों को भी स्टैंडबाय रहने के निर्देश दिए गए हैं।

पावर प्रोजेक्टों, शक्तिपीठों में सुरक्षा बढ़ी- गणतंत्र दिवस पर आतंकी हमले के मद्देनजर हिमाचल पुलिस ने पावर प्रोजेक्टों और शक्तिपीठों की सुरक्षा बढ़ा दी है। पुलिस मुख्यालय की ओर से हर जिले के एसपी को सुरक्षा व्यवस्था की मॉनीटरिंग खुद करने के निर्देश दिए गए हैं।

हिमाचल पुलिस ने यह कदम हाल ही में पठानकोट हमले और कांगड़ा के गगल में ड्राइवर की हत्या कर टैक्सी हाईजैक करने के बाद उठाया है। केंद्रीय एजेंसियां पहले ही आशंका जता चुकी हैं कि शक्तिपीठों व पावर प्रोजेक्ट जैसे सॉफ्ट टारगेट को आतंकी निशाना बना सकते हैं।

इसके अलावा 26 व 25 जनवरी के कार्यक्रमों की सुरक्षा भी कड़ी की गई है। एडीजी लॉ एंड ऑर्डर संजय कुंडू ने बताया कि अलर्ट के चलते प्रदेश की ज्यादातर रिजर्व फोर्स को फील्ड पर तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं। कैंटोनमेंटों की सुरक्षा के लिए पुलिस स्थानीय कैंट के अधिकारियों के साथ तालमेल बनाकर रणनीति तैयार कर रही है।

शक्तिपीठों व पावर प्रोजेक्टों की सुरक्षा व्यवस्था का रिव्यू कर वहां भी पुलिस बल की संख्या बढ़ाने को कहा गया है। प्रदेश के होटलों, गेस्ट हाउसों व धर्मशालाओं और ढाबों में रुकने वालों की निगरानी पहले ही शुरू की जा चुकी है। बॉर्डर चेक पोस्टों पर भी पुलिस बल की संख्या बढ़ा दी गई है।

छुट्टियों में बढ़ जाती है श्रद्धालुओं की संख्या- एडीजी ने बताया कि हाल के कुछ सालों में देखा गया है कि छुट्टी के दिनों में शक्तिपीठों में दूसरे राज्यों से काफी संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचने लगे हैं। ऐसे में मंदिरों में चेकिंग के बाद ही अंदर जाने देने की व्यवस्था की गई है। साथ ही पंजाब की सीमाओं पर खास नजर रखी जा रही है।
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