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नगर परिषद ने पांच-पांच रुपये फीस लेकर दर्ज कर दीं 48 शादियां

Wed, 25 Sep 2019 12:29 PM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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सांकेतिक तस्वीर
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सरकार की ओर से तय 200 रुपये की फीस छोड़कर नगर परिषद सुजानपुर ने पांच-पांच रुपये लेकर 48 शादियां दर्ज कर लीं। यही नहीं, नगर परिषद ने 200 रुपये की लेट फीस लेने के बजाय किसी विवाहित से मनमर्जी से 5 तो किसी से 55 रुपये वसूले।

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नगर परिषद सुजानपुर का यह कारनामा राज्य स्थानीय लेखा विभाग ने शहरी विकास विभाग के ध्यान में लाया है। बेशक यह रकम बहुत बड़ी न हो, मगर इससे ये बात सामने आई है कि नगर परिषद का यह ढांचा किस तरह से काम करता रहा है। 

यह मामला अक्तूबर 2016 से जुलाई 2017 के बीच शादियों के 48 मामलों के पंजीकरण का है। हाल ही में इस अवधि के नगर परिषद के कामकाज का ऑडिट किया गया, जिसकी रिपोर्ट शहरी विकास विभाग और नगर परिषद सुजानपुर के कार्यकारी अधिकारी के ध्यान में भेजी गई है।

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इस आडिट रिपोर्ट में हिमाचल प्रदेश सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की चार अक्तूबर 2016 की अधिसूचना का हवाला दिया गया, जिसके अनुसार स्पष्ट है कि विवाह के पंजीकरण की फीस 200 रुपये प्रति विवाह के अनुसार ली जाएगी। अगर निर्धारित समय में पंजीकरण नहीं किया गया तो यह फीस दोगुना यानी 400 रुपये ली जाएगी। यानी 200 रुपये की लेट फीस देनी होगी।

18 विवाहितों ने देरी से पंजीकरण करवाया तो इनमें से किसी से कोई भी लेट फीस नहीं ली गई तो किसी से पांच रुपये अतिरिक्त वसूले गए तो किसी से 55 रुपये वसूले गए। सभी 48 शादियों के केवल 480 रुपये ही वसूले गए, जबकि 9600 रुपये वसूले जाने थे। विलंब शुल्क 3600 रुपये का वसूला जाना था। इस तरह से सरकारी कोष को 12,720 रुपये का चूना लगाया गया। इस तरह की मनमर्जी की वसूली किन नियमों में की गई, इस बारे में नगर पंचायत की ओर लेखा परीक्षा के दौरान स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी। 
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