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भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरी नगर परिषद की कार्यप्रणाली फिर सवालों के घेरे में

Wed, 10 Oct 2018 10:27 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हमीरपुर
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भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरी नगर परिषद हमीरपुर की कार्यप्रणाली फिर सवालों के घेरे में है। मंगलवार को अतिक्रमण हटाने शहर की सड़कों पर उतरी कमेटी ने तोड़फोड़ करते हुए दुकानों के बाहर लगाए बोर्ड और होर्डिंग्स उखाड़ डाले। इसके साथ ही नगर परिषद के रास्ते पर सजाए सामान को जब्त कर गाड़ियों में लोड कर लिया। अतिक्रमण हटाने पर भड़के कारोबारी सामान जब्त कर ले जा रही नगर परिषद की गाड़ियों के आगे खड़े हो गए।

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करीब एक घंटे तक कारोबारियों और कमेटी के बीच खूब गहमागहमी हुई। करीब एक घंटे तक कार्रवाई करने के बाद नगर परिषद के जेई अश्वनी कुमार ने एसडीएम शिल्पी बेक्टा को बताया कि जहां पर अतिक्रमण हटाने के नाम पर कार्रवाई हुई वह संपत्ति निजी व्यक्ति की है। जेई ने नगर परिषद के कर्मचारियों को जब्त किए गए सामान को वापस दुकानदारों को लौटाने के निर्देश दिए।

करीब एक घंटे तक अपनी फजीहत करवाने के बाद नगर परिषद ने गाड़ियों से जब्त सामान उठाकर पूर्व की तरह दुकानों के बाहर सजा दिया। बता दें कि एसडीएम शिल्पी बेक्टा, एसडीएम कार्यालय की अधीक्षक, नगर परिषद के जेई अश्वनी कुमार, पर्यवेक्षक राजेंद्र कुमार, एसएचओ संजीव गौतम की अगुवाई में मंगलवार को शहर में अतिक्रमण हटाने सड़कों पर उतरे थे।
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लेकिन, एक घंटे के बाद कोई कार्रवाई नहीं हुई। अभी तक संबंधित रास्ते में अतिक्रमण के कारण लोग परेशान हो रहे हैं। वहीं नगर परिषद के खिलाफ पुलिस थाना हमीरपुर में धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार के आरोप में तीन मुकदमे दर्ज हैं। अब मंगलवार को अतिक्रमण हटाने के दौरान निजी संपत्ति को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया।

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निजी संपत्ति को क्यों फूंक डाले लाखों

नप के जेई अश्वनी कुमार ने एसडीएम से कहा कि कश्मीरी कांपलेक्स के नाम से बना शॉपिंग माल से होकर गुजरने वाला रास्ता किसी की निजी संपत्ति है। इस पर स्थानीय लोगों शंकर ठाकुर, विनय प्रसाद, अशोक शर्मा और विनोद पठानिया ने कहा कि कांपलेक्स में अगर सार्वजनिक रास्ता नहीं है तो नगर परिषद सालों से इस रास्ते को पक्का कर रही है। कांपलेक्स में आधा दर्जन से अधिक स्ट्रीट लाइटें लगी हैं।

स्ट्रीट लाइटों पर खपत होने वाली बिजली का हर साल लाखों रुपये बिल नगर परिषद भर रही है। लोगों ने सवाल उठाए कि अगर संपत्ति निजी है तो नगर परिषद क्यों सालों से इस रास्ते के रखरखाव और लाइटों पर खर्च कर रही है। इसके साथ ही तीन मंजिला कांपलेक्स में तीन दर्जन से अधिक दुकानों के बिना रास्ते नक्शे कैसे पास हो गए। उन्होंने नगर परिषद पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की है।

एसडीएम शिल्पी बेक्टा ने कहा कि मंगलवार को कमेटी ने अतिक्रमण पर कार्रवाई की है। लेकिन, नप के जेई अश्वनी कुमार ने बाद में बताया कि संपत्ति निजी है। जिसके चलते अब नगर परिषद से जमीन और नक्शे से संबंधित कागजात मांगे गए हैं। पूरे मामले की जांच होगी। अगर जेई ने एसडीएम कार्यालय के अधिकारियों और पुलिस विभाग के समक्ष झूठी जानकारी दी होगी तो सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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