संयुक्त आयुक्त के नेतृत्व में की गई जांच, पहले दिन टुटू, कैथू और लक्कड़ बाजार में की मकानों की जांच
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शहर के सभी वार्डों में जांचें जाएंगे जर्जर भवन
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। शहर में जर्जर और असुरक्षित भवनों को लेकर नगर निगम पूरी तरह सतर्क है। निगम की टीम ने असुरक्षित भवनों की जांच शुरू कर दी है। इस निरीक्षण का मकसद बरसात में होने वाले हादसों को रोकना है। नगर निगम यह निरीक्षण पूरे शहर में करेगा। संयुक्त आयुक्त की अगुवाई में निगम की टीम ने पहले दिन टुटू में दो, लक्कड़ बाजार और कैथू में एक-एक भवन की जांच की। वर्तमान में इन भवनों में लोग नहीं रहते हैं। नगर निगम के संयुक्त आयुक्त भुवन शर्मा की अगुवाई में शुक्रवार सुबह ही टीम फील्ड में उतर गई थी। निगम का दावा था कि करीब दस से बारह घरों की जांच करनी है लेकिन शाम तक शहर के अलग-अलग जगहों पर चार घरों की जांच की गई। गौरतलब है कि हर साल बरसात के मौसम में कई भवन शहर में क्षतिग्रस्त होते हैं। इस कारण करोड़ों रुपये का नुकसान होता है। नगर निगम शहर में निरीक्षण कर ऐसे भवनों की जांच कर इनकी मरम्मत करवाने के आदेश लोगों को देता है ताकि नुकसान से बचा जा सके।
निगम का कहना है कि अब वह प्राथमिक रिपोर्ट तैयार कर निगम के आयुक्त भूपेंद्र अत्री को सौंपेंगे। अंतिम निर्णय आयुक्त ही लेंगे। टीम ने कई भवन मालिकों को चेतावनी दी कि यदि वह मरम्मत या पुनर्निर्माण नहीं करते हैं, तो निगम कानूनी कार्रवाई भी करेगा। नगर निगम का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य शहर में नागरिकों की सुरक्षा भी सुनिश्चित करना हैं।