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पानी आवंटन के साथ अब पंपिंग का जिम्मा भी लेगा एमसी

Mon, 13 Jun 2016 10:50 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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नगर निगम के डिप्टी मेयर टिकेंद्र पंवर ने कहा कि इसे लेकर प्रदेश सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है।
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राजधानी शिमला के लिए पानी की पंपिंग से लेकर डिस्ट्रीब्यूशन तक का पूरा काम संभालने के लिए नगर निगम तैयार हो गया है। निगम की ओर प्रदेश सरकार को इसे लेकर प्रस्ताव भेज दिया गया है। हालांकि नगर निगम के प्रस्ताव पर अभी तक सरकार का रुख साफ नहीं हो पाया है।
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शहर में पानी की आपूर्ति को लेकर आईपीएच और नगर निगम के बीच सालों से चली आ रही तकरार को खत्म करने के लिए सरकार ने पेयजल योजनाओं से शहर के लिए पानी की पंपिंग और शहर में लोगों के घरों तक पानी के डिस्ट्रीब्यूशन का काम किसी एक एजेंसी को सौंपने का प्रस्ताव आईपीएच और नगर निगम के समक्ष रखा था।

नगर निगम ने आगे बढ़ते हुए इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। नगर निगम ने इसे लेकर सरकार को लिखित आग्रह पत्र भेजा है। एमसी का कहना है कि शहर को पानी की आपूर्ति करने के लिए एक सर्कल बनाए जाने की जरूरत है। इस सर्कल के प्रशासनिक संचालन के लिए नगर निगम तैयार है।
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नगर निगम ने सरकार से आग्रह किया है कि पानी की व्यवस्था संभालने के लिए नगर निगम को सरकार की ओर से मेन पावर और खर्चा दिया जाए। इतना ही नहीं इस पूरी व्यवस्था को लागू करने के लिए सरकार एक उच्च स्तरीय कमेटी गठित करे जिसकी देख रेख में इस पूरे काम को अंजाम दिया जा सके।

मौजूदा समय में शहर के लिए पानी की आपूर्ति और पंपिंग का कार्य आईपीएच के जिम्मे है जबकि पानी का डिस्ट्रीब्यूशन नगर निगम देखता है। दोनों एजेंसियों में आपसी समन्वय न होने के कारण शहर के लोगों को पानी की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है।

नगर निगम ने सरकार को भेजा है प्रस्ताव
शहर के लिए पानी की पंपिंग और डिस्ट्रिब्यूशन का काम नगर निगम अपने हाथों में लेने के लिए तैयार है। इसे लेकर प्रदेश सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है। सरकार से आग्रह किया गया है कि पूरी व्यवस्था अपने हाथों में लेने के लिए नगर निगम को आवश्यकतानुसार मेन पावर और उसका खर्चा दिया जाए। -टिकेंद्र पंवर, मेयर, नगर निगम शिमला

एमसी को नहीं मिल रही की-मैन भर्ती करने की अनुमति
स्टॉफ की कमी के कारण नगर निगम शहर में पानी के आवंटन की जिम्मेवारी सही तरीके से नहीं निभा पा रहा। नगर निगम में की-मैन की भारी कमी है। निगम ने सरकार से की-मैन भर्ती करने की अनुमति देने को कई बार गुहार लगाई है लेकिन अनुमति नही मिली।

नगर निगम की जल शाखा में 280 कर्मी
नगर निगम की जल शाखा में मौजदा समय में 280 कर्मचारी तैनात हैं। निगम अभियंता (एमई) के अतिरिक्त दो सहायक अभियंता, कनिष्ठ अभियंता और फील्ड स्टाफ के जरिये नगर निगम पानी के आवंटन का काम कर रहा है। पंपिंग से लेकर डिस्ट्रीब्यूशन का काम संभालने के लिए नगर निगम को दुगने से अधिक स्टाफ की जरूरत होगी।

जहां पांच परिवारों को पानी नहीं वहां लगेगा पब्लिक टैप
पानी की किल्लत झेल रहे शहर के उन लोगों के लिए राहत भरी खबर है, जिनके घरों पर न तो पानी के कनेक्शन हैं और न ही आसपास कोई पब्लिक टैप है। नगर निगम ने ऐसे क्षेत्रों में नए पब्लिक टैप लगाने का निर्णय लिया है। इन दिनों शहर में पानी की किल्लत चल रही है जिसके मद्देनजर नए पब्लिक टैप लगाने कब शुरू होंगे इसका निर्णय अभी नहीं लिया गया है।

निगम उप महापौर टिकेंद्र पंवर की अध्यक्षता में गठित कमेटी ने निगम प्रबंधन को मीटर्ड पब्लिक टैप लगाने को लेकर सिफारिशें सौंपी हैं। नए मीटर्ड पब्लिक टैप पार्षदों की अनुशंसा पर ऐसे स्थानों पर लगेंगे जहां इससे न्यूनतम पांच परिवार लाभान्वित हों। पब्लिक टैप लगाने के लिए जो व्यक्ति आवेदन करेगा उससे शपथ पत्र लिया जाएगा।

कि कनेक्शन घर के भीतर नहीं लगाया जाएगा, और पानी के असमान वितरण पर निगम तुरंत कनेक्शन काट सकता है। पब्लिक टैप के लिए सौ मीटर तक लाइन नगर निगम उपलब्ध करवाएगा। धार्मिक स्थलों पर पब्लिक टैंप पार्षदों की सिफारिश पर लगाए जाएंगे। पब्लिक टैप के बिल रीडिंग के आधार पर 15 रुपये प्रति किलो लीटर की दर से वसूले जाएंगे।
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