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नगर निगम चुनाव हिमाचल: दांव पर लगी दिग्गजों की प्रतिष्ठा

Wed, 07 Apr 2021 10:31 AM IST
Krishan Singh सुरेश शांडिल्य, अमर उजाला, शिमला
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नगर निगम चुनाव हिमाचल। - फोटो : अमर उजाला
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हिमाचल प्रदेश के इतिहास में पहली बार एक साथ होने जा रहे चार नगर निगमों के चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर है। पार्टी सिंबल पर हो रहे चुनाव को भाजपा और कांग्रेस ने बहुत गंभीरता से लिया है। इनके नतीजों की छाया आगामी उपचुनावों के अलावा अगले वर्ष होने जा रहे विधानसभा चुनाव पर भी पड़ सकती है। राज्य के इन चार नगर निगमों में 64 पार्षद चुने जाएंगे, जिनके लिए मैदान में पौने तीन सौ से ज्यादा उम्मीदवार हैं। इनमें दोनों दलों के उम्मीदवारों के अलावा कई बागी भी चुनाव लड़ रहे हैं। मंडी, सोलन और पालमपुर नए नगर निगम बनाए गए हैं। धर्मशाला नगर निगम के चुनाव कार्यकाल पूरा होने पर प्रस्तावित हैं। 

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सबसे हॉट बना मंडी नगर निगम  
नया नगर निगम मंडी सबसे हॉट बन गया है। यहां 15 वार्ड हैं। मंडी सदर से पूर्व केंद्रीय मंत्री पंडित सुखराम के बेटे अनिल शर्मा भाजपा विधायक हैं। उन पर कांग्रेस का पक्ष लेने का आरोप है। सीएम उन्हें कार्रवाई की भी चेतावनी दे चुके हैं। जयराम ठाकुर का गृह जिला होने के कारण वह इस नवगठित निगम की जंग में किसी भी सूरत में चूकना नहीं चाहते हैं। वह प्रचार के लिए खुद गली-गली जा रहे हैं। कांग्रेस के उम्रदराज नेता पंडित सुखराम खुद प्रचार कर रहे हैं। यह चुनाव सीएम जयराम ठाकुर की अपने जिला में प्रतिष्ठा और सुखराम परिवार के भविष्य को तय करेंगे। यहां मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर भाजपा के चुनाव प्रभारी हैं। कांग्रेस ने पूर्व मंत्री जीएस बाली के अलावा वीरभद्र सिंह के बेटे विधायक विक्रमादित्य सिंह को जीत का जिम्मा दिया है।   

धर्मशाला में मंत्री पठानिया के दमखम और सुधीर शर्मा के वर्चस्व की लड़ाई 
नगर निगम धर्मशाला में 17 वार्डों के लिए चुनाव हो रहे हैं। भाजपा ने इस निगम पर भाजपा का परचम लहराने की जिम्मेवारी वन मंत्री राकेश पठानिया को सौंपी है। कभी धूमल खेमे में रह चुके पठानिया की भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा से निकटता है, इसलिए जिम्मेवारी बढ़ गई है। केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर भी यहां आकर प्रचार कर चुके हैं। सांसद किशन कपूर भी यहीं से विधायक रहे हैं। कांग्रेस ने यहां पूर्व पार्टी प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू को चुनाव प्रभारी बनाया है। पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा का विधानसभा हलका होने के कारण वह दिन-रात एक कर रहे हैं। 
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शांता के घर पालमपुर में भी बुटेल परिवार की परीक्षा 
नगर निगम पालमपुर के गठन में पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार की बड़ी भूमिका रही है, मगर वह सक्रिय राजनीति से हट चुके हैं। यहां 15 वार्डों में चुनाव हो रहे हैं। भाजपा ने यहां चुनाव जिताने की खास जिम्मेवारी उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह को दी है। राज्य सभा की सांसद इंदु गोस्वामी भी पालमपुर हलके से पिछला विधानसभा चुनाव हार चुकी हैं। वूल फेडरेशन के अध्यक्ष त्रिलोक कपूर भी यहीं से हैं। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष बृज बिहारी बुटेल का पालमपुर में खासा प्रभाव रहा है। उनके बेटे आशीष बुटेल यहां से कांग्रेस विधायक हैं। कांग्रेस ने यहां चुनाव प्रभारी पूर्व कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष और पूर्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर को बनाया है। 

सोलन में राजीव बिंदल और राजेंद्र राणा के चुनाव प्रबंधन पर नजर
नगर निगम सोलन में 17 वार्डों मे चुनाव हैं। यहां भाजपा के चुनाव प्रबंधन में कुशाग्र माने जाने वाले पूर्व भाजपा प्रदेशाध्यक्ष एवं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष राजीव बिंदल को चुनाव प्रभारी बनाया गया है। बिंदल के प्रबंधन पर सबकी नजरें हैं, जिसका तोड़ निकालने के लिए राजेंद्र राणा यहां कांग्रेस के प्रभारी हैं। पूर्व मंत्री तथा सोनिया गांधी की टीम में रहे कांग्रेस वर्किंग कमेटी के पूर्व सदस्य स्थानीय विधायक धनीराम शांडिल भी यहां खासी जद्दोजहद कर रहे हैं। 

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