संवाद न्यूज एजेंसी शिमला। राजधानी में अवैध डंपिंग पर कार्रवाई करने के दावे करने वाला नगर निगम अब खुद जंगलों में मलबा फेंक रहा है। नगर निगम के ठेकेदार मंगलवार को जंगल में मलबा फेंकते पकड़े गए। मामला शहर के अनाडेल वार्ड का है।
यहां दोपहर करीब 1:00 बजे नगर निगम के ठेकेदार अवैध तरीके से मलबे को दिन दिहाड़े जंगल में फेंक रहे थे। सूचना मिलते ही वार्ड पार्षद उर्मिला कश्यप मौके पर पहुंच गई। साथ ही वन विभाग को इसकी सूचना दी। पार्षद के अनुसार कैथू वार्ड में चल रहे निर्माण कार्य का मलबा उनके वार्ड अनाडेल की गोल पहाड़ी पर डंप किया जा रहा था। इस पर जब ठेकेदार को रंगे हाथ पकड़ा तो उसने कहासुनी शुरू कर दी। इस पर मौके पर हंगामा हो गया। यहां आसपास के लोग भी इकट्ठा हो गए और नगर निगम पर सवाल उठाए। पार्षद ने ठेकेदार को फटकार लगाई कि आखिर उनके वार्ड में मलबे के ढेर क्यों लगाए जा रहे हैं। किससे पूछकर यहां मलबा फेंका जा रहा है।
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ठेकेदार का दावा था कि निगम प्रशासन के कहने पर यहां मलबा फेंका जा रहा है। पार्षद ने कहा कि इस अवैध डंपिंग से यहां रास्ते तक बंद हो गए हैं। मौके से निगम अअधिकारियों को भी फोन घुमाए गए। वहीं मौके पर डीएफओ, बीट ऑफिसर समेत अन्य अधिकारी पहुंचे जिन्होंने नियमों की अवहेलना करने पर 12 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
अधिकारी बोले, ठेकेदार का दावा गलत
मौके पर ठेकेदार ने कहा कि नगर निगम अधिकारियों ने उन्हें यहां पर मलबा डंप करने को लेकर निर्देश जारी किए हैं। इस पर पार्षद ने तुरंत अधिकारियों से फोन पर बात की। अधिकारियों ने कहा कि ऐसे कोई आदेश नहीं दिए हैं। विवाद बढ़ा तो ठेकेदारों ने पार्षद को कहा कि हमारा कोई कुछ नहीं कर सकता है। पार्षद अब दो साल के लिए ही हैं, इसके बाद घर पर ही बैठना है। लिहाजा इस तरह के मामला बढ़ने के बाद तो कुछ देर के लिए यहां पर माहौल गरमाया रहा।
निगम ने सदन से पारित किए हैं सख्त कानून
नगर निगम ने हाल ही में सदन से अवैध डंपिंग को लेकर सख्त कानून पास किए हैं। निगम ने शहर में अवैध डंपिंग रोकने के लिए नियमित गश्त करने, जुर्माना लगाने जैसे निर्देश दिए हैं। सभी विभागों को भी अवैध डंपिंग करने से बचने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा खुद शहर से निजी निर्माण कार्याें का मलबा उठाने का भी फैसला लिया है। हालांकि, निगम के अपने ठेकेदार इन आदेशों को ठेंगा दिखा रहे हैं।