पूर्व भाजपा सरकार ने अपने कार्यकाल में वार्डों की संख्या 34 से बढ़ाकर 41 करने का विधेयक पारित किया था। हिमाचल में सरकार बदलते ही इसे दाेबारा 34 वार्ड का नगर निगम संशोधन अध्यादेश लाया गया था।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मंगलवार को विधानसभा में नगर निगम संशोधन अध्यादेश पेश किया। पूर्व भाजपा सरकार ने अपने कार्यकाल में वार्डों की संख्या 34 से बढ़ाकर 41 करने का विधेयक पारित किया था। हिमाचल में सरकार बदलते ही इसे दोबारा 34 वार्ड का नगर निगम संशोधन अध्यादेश लाया गया था। इसे विधानसभा में सदन के पटल पर रखा गया। अब आगामी दिनों में इसका विधेयक सदन में पारित किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि 11 जून 2022 को भाजपा शासित शिमला नगर निगम का कार्यकाल खत्म हो गया है।
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व्यवस्था को चलाने के लिए सरकार की ओर से नगर निगम में प्रशासक की तैनाती की गई है। भाजपा ने अपने कार्यकाल में कृष्णानगर, विकास नगर, खलीनी, संजौली और छोटा शिमला दो हिस्सों में बांट दिया था। कई वार्डों की सीमाएं बदल दी गईं। इसके विरोध में नाभा की कांग्रेस पार्षद ने कोर्ट में चुनौती दी है। अब नगर निगम शिमला में पहले की तरह 34 वार्ड होंगे। इसके आधार पर ही मतदाता सूचियां तैयार की जा रही हैं। नगर निगम के चुनाव अप्रैल के अंत में होने संभावित है।