बहुराष्ट्रीय कंपनी एरीन सिस्टम ने हिमाचल में रक्षा उपकरण उद्योग लगाने की इच्छा जताई है। दिल्ली में इनवेस्टर मीट के पहले दिन कंपनी ने प्रदेश सरकार को 1.5 बिलियन यूएस डालर (9975 करोड़) के निवेश का प्रस्ताव दिया है। यह कंपनी राज्य में उभरते तीन नए औद्योगिक क्षेत्रों कंदरोड़ी, सोलन और पंडोगा में रक्षा से संबंधित उपकरण तैयार करने संबंधी उद्योग लगाना चाहती है। इनवेस्टर मीट में वालमार्ट, पैप्सीको, माइक्रोटेक इंटरनेशनल जैसी कई नामी कंपनियों ने भी हिमाचल में करोड़ों के निवेश के प्रस्ताव दिए हैं।
पहले दिन कुल साढ़े 12 हजार करोड़ रुपये के प्रस्ताव मिले हैं। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने उद्योग मंत्री मुकेश अग्निहोत्री के साथ सोमवार को नई दिल्ली में ‘इमर्जिगिं हिमाचल’ के द्वितीय चरण की ‘इनवेस्टर मीट’ की अध्यक्षता की। इसमें औद्योगिक इकाइयों को स्थापित करने से संबंधित प्रस्ताव पर चर्चा की गई। राज्य सरकार और भारतीय उद्योग परिसंघ के संयुक्त आयोजन में ‘इमर्जिंग हिमाचल’ इनवेस्टर मीट में 1400 के लगभग उद्योगपतियों ने भाग लिया।
ये कंपनियां भी करना चाहती हैं निवेश
आस्ट्रेलिया में रह रहे हिमाचल के पालमपुर के चिकित्सक दंपति ने प्रदेश में अस्पताल और एक मेडिकल स्कूल स्थापित करने के साथ-साथ आस्ट्रेलिया के ट्रॉमा और पैथोलॉजिस्ट विशेषज्ञों के सहयोग से चिकित्सा पर्यटन को बढ़ावा देने का प्रस्ताव दिया। ऑस्हेल्थ के कार्यकारी निदेशक डा. अमित राणा, उनकी पत्नी डा. आभा राणा ने भी 100 करोड़ रुपये के मेडिकल स्कूल और आधुनिक प्रयोगशाला स्थापित करने के लिए प्रदेश में 35 एकड़ भूमि का आग्रह किया।
सूर्या ऊष्मा प्राइवेट लिमिटेड ने दक्षिण अफ्रीका समूह के सहयोग से स्पीति घाटी में 100 मेगावाट के लगभग सौर ऊर्जा में निवेश का प्रस्ताव दिया। वहीं, एलिंज इंडिया चेक रिपब्लिक के तत्वावधान में लगभग 1000 करोड़ रुपये से पोर्टेबल सेल्फ सर्विस फ्यूल फिलिंग स्टेशन (पेट्रोल पंप) के निवेश का प्रस्ताव प्रस्तुत किया। 35000 लीटर की क्षमता वाले ये पेट्रोल पंप दो घंटे में स्थापित किए जा सकते हैं।
टाटा ग्रुप चाहता है हाउसिंग परियोजना के लिए भूमि
टाटा ग्रुप ने हाउसिंग परियोजना के लिए पर्याप्त भूमि प्रदान करने का आग्रह किया। माइक्रोटेक इंटरनेशनल ने वर्तमान में स्थापित इकाई के विस्तार के लिए 400 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव प्रस्तुत किया। उन्होंने सौर उपकरण का बड़े स्तर पर उत्पादन के लिए नई औद्योगिक इकाई स्थापित करने का भी प्रस्ताव किया। भारतीय रेलवे केटरिंग और पर्यटन निगम ने हिमाचल सरकार के साथ हिमाचली उत्पादों एवं पर्यटन विपणन के समझौता ज्ञापन के लिए सैद्धांतिक रूप से सहमति दी।
150 करोड़ रुपये के निवेश वाले बोतल और पैप्सीको फूड और बैवरेजिज उत्पादों के निर्माण वाले उद्योग स्थापित करने पर भी चर्चा की गई। बैठक में सिसका एलईडी प्राइवेट लिमिटेड ने प्रदेश में एलईडी लाइट, तारें, स्विच और अन्य उत्पादों के निर्माण से संबंधित उद्योग स्थापित करने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया। इसमें 500 करोड़ रुपये के निवेश के साथ 5 से 6 हजार युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाने की संभावना है।
इंदोरामा ने दिया 300 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव
ग्रीनलैम मोर ने वर्तमान में नालागढ़ में स्थित अपने उद्योग के विस्तार के लिए 100 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव पेश किया। इस दौरान इंदोरामा समूह के बद्दी स्थित धागा उत्पादन उद्योग के विस्तार पर भी चर्चा की गई। उन्होंने इस उद्योग में 300 करोड़ रुपये के अतिरिक्त निवेश का प्रस्ताव किया और कहा कि इससे 300 लोगों रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। तौलियों उत्पादन करने वाली सारा टैक्सटाइल लिमिटेड ने 450 करोड़ रुपये के विस्तार प्रस्ताव प्रस्तुत किया, जिसमें 1000 से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा।
इसी प्रकार इंदोरामा ने भी अपनी वर्तमान इकाई के विस्तार के लिए 300 करोड़ रुपये निवेश का प्रस्ताव पेश किया, जिससे 300 लोगों को रोजगार मिलेगा। प्रीति पेटलस ने कृषि संस्करण और शीतल भंडारण का प्रस्ताव किया। एलएम समूह इंटरनेशनल ने सीडर शराब, पर्यटन इकाइयां, अपोलो ग्रुप ने वेस्ट मैनेजमेंट, स्वास्थ्य देखभाल क्षेत्र और टैक्सटाइल का प्रस्ताव पेश किया। मुख्यमंत्री ने प्रस्ताव का स्वागत करते हुए कहा कि वे इन्हें शीघ्र पेश करें और अपनी जरूरतों के मुताबिक सर्वेक्षण करें।
2000 लोगों को रोजगार देगी वालमार्ट
वालमार्ट कंपनी के सीईओ कृष अय्यर ने प्रदेश में 10 मिलियन यूएस डॉलर यानी 65 करोड़ रुपये के निवेश से 5 वालमार्ट रिटेल स्टोर स्थापित करने का प्रस्ताव दिया। इसमें 2000 लोगों को रोजगार प्रदान करने की क्षमता है। उन्होंने शिमला, सोलन, मंडी, धर्मशाला, कांगड़ा और पालमपुर नगर परिसरों में तीन एकड़ भूमि की मांग की। वालमार्ट के वर्तमान में देशभर के 19 शहरों में परचून और थोक के स्टोर हैं।
ये मौजूद रहे इन्वेस्टर मीट में- बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव वीसी फारका, तरुण श्रीधर, आरडी धीमान, निदेशक पर्यटन मोहन चौहान, आयुक्त श्रम एवं रोजगार अमित कश्यप, उद्योग विभाग के निदेशक राजेंद्र सिंह, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के निदेशक डा. एमपी सूद, उद्योग सलाहकार राजेंद्र चौहान, सीआईआई उत्तरी क्षेत्र के अध्यक्ष तिलक शर्मा, हिमाचल प्रदेश सीआईआई परिषद के अध्यक्ष श्रीकांत सोमनी, सीआईआई हिमाचल के अध्यक्ष संजीव खुराना आदि पर उपस्थित थे।