जोगिंद्रा केंद्रीय सहकारी बैंक के नए चेयरमैन मुकेश शर्मा होंगे। प्रदेश सरकार ने इसे लेकर अधिसूचना जारी कर दी है। मुकेश शर्मा ने बुधवार दोपहर को ही मनोनीत सदस्य की शपथ ली थी। शाम तक उन्हें चेयरमैन नियुक्ति कर दिया है। मुकेश शर्मा छात्र राजनीति से ही कांग्रेस में सक्रिय हैं। वह मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के खास समर्थक माने जाते हैं। साथ ही सोलन के विधायक व स्वास्थ्य मंत्री के मीडिया सलाहकार भी हैं। छात्र राजनीति से ही कांग्रेस में सक्रिय है। सोलन के इतिहास में पहली बार हुआ जब बैंक के चेयरमैन की नियुक्ति सरकार ने सीधे की है। इससे पहले तक निदेशक मंडल की बैठक में निदेशक ही चेयरमैन का चुनाव होता था।
बैंक के दो निदेशकों की नियुक्ति का विरोध, समारोह से वाकआउट
उधर, जोगिंद्रा केंद्रीय सहकारी बैंक सोलन में दो मनोनीत निदेशकों की नियुक्ति नियमों को ताक पर रखकर करने का विरोध हो गया। इसमें चार निर्वाचित निदेशकों ने दो मनोनीत निदेशकों की नियुक्ति के विरोध में शपथ समारोह से वाकआउट कर दिया। वहीं बैंक के अध्यक्ष योगेश कुमार ने इसके विरोध में अपने पद से ही त्यागपत्र दे दिया। बैंक में कांग्रेस समर्थित एक मात्र निर्वाचित निदेशक संजीव कौशल ने भी इन नियुक्तियों का विरोध किया। जबकि भाजपा समर्थित एक निदेशक विरोध में शामिल नहीं होकर शपथ समारोह में जमे रहे। वहीं दो मनोनीत निदेशकों की नियुक्तियों का विरोध होने पर बैंक प्रबंधकों को आनन-फानन में मनोनीत निदेशकों की शपथ करवानी पड़ी।
उधर, इस्तीफा देने के बाद निवर्तमान अध्यक्ष योगेश कुमार ने कहा कि चार निदेशकों में दो की नियुक्तियां नियमों के विपरीत हुई है। इसमें एक को सिरमौर जिला से नियुक्त कर दिया गया है, जबकि दूसरा सामान्य वर्ग से है। उन्होंने कहा कि यदि इन दोनों नियुक्तियों को निरस्त नहीं किया गया तो वह उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे। गौर रहे कि सरकार ने दो दिन पहले ही बैंक में चार मनोनीत निदेशकों की नियुक्ति की है। इसमें सोलन से मुकेश शर्मा, कंडाघाट से जितेंद्र ठाकुर, नालागढ़ से हजूरा सिंह और पांवटा साहिब से असगर अली शामिल है। बुधवार को इन मनोनीत निदेशकों को शपथ के साथ-साथ वर्तमान अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश होना था लेकिन इससे पहले ही बैंक अध्यक्ष ने अपने पद से त्यागपत्र दे दिया।
12 सदस्य हैं निदेशक मंडल में
जोगिंद्रा सहकारी बैंक में 12 सदस्यों के निदेशक मंडल में छह निर्वाचित निदेशक हैं। इसमें से भाजपा समर्थित की संख्या पांच और कांग्रेस की संख्या तीन है। बुधवार को छह निर्वाचित निदेशकों में से पांच ही निदेशक बैठक में पहुंचे। बैंक में अन्य छह निदेशकों में चार मनोनीत तो एक सहायक पंजीयक और एक प्रबंध निदेशक का वोट होता है। भाजपा समर्थित एक निदेशक का साथ मिलने से यह तय हो गया है कि कांग्रेस समर्थित निदेशक का अध्यक्ष बनना लगभग तय है।
इनके खिलाफ हुआ विरोध
शपथ ग्रहण का विरोध निर्वाचित निदेशकों के जिला सिरमौर के पांवटा साहिब से मनोनीत निदेशक असगर अली की नियुक्ति पर ऐतराज जताया। योगेश कुमार ने कहा कि नियमों के अनुसार सोलन जिला से बाहर के व्यक्ति को मनोनीत निदेशक नियुक्त नहीं किया जा सकता। क्योंकि जोगिंद्रा सहकारी बैंक का कार्य क्षेत्र केवल जिला सोलन है। इसके अलावा कंडाघाट क्षेत्र से मनोनीत निदेशक जितेंद्र ठाकुर की नियुक्ति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मनोनीत निदेशकों की शपथ के लिए कोरम तक पूरा नहीं हुआ है लेकिन सरकार के दबाव के चलते चारों मनोनीत निदेशकों को शपथ दिलाई गई।
प्रदेश सरकार ने नियमों को ताक पर रखकर दो मनोनीत निदेशकों की नियुक्ति की है। पांवटा साहिब के व्यक्ति को निदेशक बनाया गया है जबकि नियम और एक्ट के अनुसार वह निदेशक नहीं बन सकते। आरसीएस महिला, एससी, एसटी और अल्पसंख्यक को मनोनीत निदेशक नियुक्त कर सकता है जबकि समान्य वर्ग के व्यक्ति को निदेशक बनाया गया है। अगर यह नियुक्तियां निरस्त नहीं होती तो इसके खिलाफ हाईकोर्ट में चुनौती दी जाएगी।
-योगेश कुमार, निवर्तमान अध्यक्ष, जोगिंद्रा केंद्रीय सहकारी बैंक, सोलन
मैं सरकार के खिलाफ नहीं हूं, मगर बैंक में नियमों के विपरीत हुई इन नियुक्तियों का विरोध कर रहा हूं।
-संजीव कौशल निर्वाचित निदेशक कांग्रेस
बुधवार को चार मनोनीत निदेशकों को शपथ दिलाई गई है। प्रदेश सरकार ने हाल ही में इन निदेशकों की नियुक्ति की थी।
-एलआर वर्मा प्रबंध निदेशक, जोगिंद्रा केंद्रीय सहकारी बैंक