नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि कागजी घोड़े दौड़ाना और फर्जी घोषणाएं करना एक साल में जयराम सरकार की उपलब्धि रही है। इसके अलावा सरकार की कोई उपलब्धि नहीं। सरकार को जश्न मनाने के स्थान पर आत्ममंथन दिवस मनाना चाहिए था।
कांग्रेस इस सरकार का निक्कमा दिवस मनाएगी और चार्जशीट सौंपेगी। यह बात नेता विपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने जयराम सरकार के 1 साल पूरा होने पर कही। प्रेस बयान में उन्होंने कहा कि जयराम एक साल में खुद को मुख्यमंत्री साबित करने में ही लगे रहे।
अभी भी उन्हें यकीन नहीं हो रहा है कि वे मुख्यमंत्री हैं। इसलिए जनसभाओं में लोगों को कह रहे हैं कि मुझे मुख्यमंत्री मानें। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 1 साल में सब्जबाग दिखाने को कागजी घोड़े दौड़ाने का काम किया गया है। फर्जी घोषणाएं करने में अव्वल यह सरकार रही है।
उन्होंने कहा सीएम खुद तो फेल रहे, अपने मंत्रियों को भी फेल बता कर बदलने की बात कर रहे हैं। इस सरकार की दूसरी बड़ी उपलब्धि यह है कि सत्ता के अनेक केंद्र बने हुए हैं लेकिन रिमोट कंट्रोल कहीं और है।
सरकार कहीं और से चल रही है, आदेश कहीं और से आ रहे हैं। यहां तक की अधिकारियों को भी ताश के पत्तों की तरह फेंकने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अपना आधिपत्य स्थापित करने की लड़ाई मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर 1 साल में लड़ते नजर आए हैं।
वहीं अगर किसी अधिकारी ने किसी नेता को चाय पिला दी तो उसका तबादला तक कर दिया गया। ऐसे में साफ है कि जयराम सरकार अपनी एक साल में अथॉरिटी बनाने में नाकाम रही है।
उन्होंने कहा कि आरएसएस और विद्यार्थी परिषद के दबदबे में जयराम सरकार विफल साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली दौरों से सरकार न तो औद्योगिक पैकेज ला पाई, न ही एकमुश्त आर्थिक मदद केंद्र सरकार से ला पाई है।
यहां तक कि केंद्र सरकार द्वारा घोषित योजनाएं वर्षों बाद भी मूर्त रूप में नहीं आ रही है। उन्होंने कहा कि इस एक साल के जश्न से पहले कांग्रेस की देन केंद्रीय विश्वविद्यालय के शिलान्यास की बात कही गई
लेकिन अब उसे भी प्रदेश सरकार नहीं करवा रही है। इसके पीछे राजनीतिक षड्यंत्र दिखता है। आपसी स्कोर सेटल करने की राजनीति दिख रही है कि कोई इसका श्रेय न ले जाए।