साथ ही परिषद के पास इतनी धनराशि नहीं है। इसके बाद सरकार द्वारा वित्त विभाग को लिखा गया, जिस पर विभाग ने राशि देने से इनकार कर दिया। लेकिन इस सब के बावजूद खेल सचिव द्वारा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड समेत अन्य विभागों को बाकायदा पत्र जारी कर 50-50 लाख स्पांसरशिप उगाहने के आदेश जारी किए गए हैं।
मुकेश ने बताया कि पत्र में स्पष्ट लिखा है कि यह राशि 2 जून 2018 को राज्य खेल परिषद के खाते में जमा हो जानी चाहिए। यह राशि खली की कंपनी सीडब्ल्यूई को दी जानी है। मुकेश ने सवाल किया कि एक तरफ कर्जे में डूबी सरकार इस नान शेड्यूल्ड खेल के लिए पैसा खर्च करने जा रही है, वहीं विभाग के ही मंत्री इस पर पर्दा डाल रहे हैं।
अग्निहोत्री ने चंडीगढ़ से खली के फेसबुक पेज पर कथित अश्लीलता फैलाने पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि बेहतर होता कि सरकार चिह्नित खेलों का आयोजन करवाकर प्रदेश के खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करती। उनके साथ जिला कांग्रेस अध्यक्ष वीरेंद्र धर्माणी भी मौजूद रहे।