इस बार विधानसभा मानसून सत्र की कार्यवाही 36 घंटे 38 मिनट तक चली। वहीं, विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानियां ने कहा कि इस बार 35 घंटे तक सदन चलाने का लक्ष्य रखा गया था। इस दौरान 369 तारांकित और 186 अतारांकित सवालों के जवाब सत्ता पक्ष की ओर से दिए गए। सदन में आठ विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई।
वहीं, नियम 62 के तहत पांच विषयों पर चर्चा हुई। 102 के तहत हिमाचल को राष्ट्रीय आपदा घोषित किए जाने का प्रस्ताव पारित कर केंद्र को भेजा गया। इसके तहत केंद्र से नुकसान की भरपाई के लिए 12 हजार करोड़ रुपये का विशेष पैकेज देने का आग्रह किया। हिमाचल में आई आपदा पर सत्ता पक्ष के 28, विपक्ष के 21और तीन निर्दलीय विधायकों ने चर्चा में भाग लिया। मानसून सत्र में 8 विधेयक पारित हुए।